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आरबीआई की अगली बैठक में ब्याज दर स्थिर रहने की संभावना; विशेषज्ञों का अनुमान

23 से 26 मार्च के बीच हुए सर्वेक्षण में शामिल 71 अर्थशास्त्रियों में से केवल दो को छोड़कर सभी ने अनुमान लगाया कि आगामी बैठक में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं होगा।

By राखी मल्लिक

Mar 28, 2026 13:21 IST

नई दिल्ली : आगामी 8 अप्रैल को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की मौद्रिक नीति समिति (Monetary Policy Committee) अपनी अगली बैठक आयोजित करने जा रही है। इस बैठक में अधिकांश अर्थशास्त्रियों का मानना है कि ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। यह जानकारी हाल ही में रॉयटर्स द्वारा किए गए सर्वेक्षण में सामने आई है।

सर्वेक्षण के अनुसार केंद्रीय बैंक अपनी रेपो दर को वर्तमान 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रख सकता है। इसके अलावा विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह दर 2027 के मध्य तक अपरिवर्तित बनी रह सकती है। मौजूदा समय में मुद्रास्फीति का दबाव नियंत्रित है। जिससे केंद्रीय बैंक को स्थिति का विश्लेषण करने के लिए थोड़े समय का लाभ मिल रहा है।

पिछले एक वर्ष में उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि दर RBI की सहमति सीमा यानी 4 प्रतिशत से कम रही है और देश की आर्थिक वृद्धि दर भी संतोषजनक स्तर पर बनी हुई है। हालांकि पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव की वजह से भविष्य में भारत में मुद्रास्फीति का जोखिम बढ़ सकता है।

23 से 26 मार्च के बीच हुए सर्वेक्षण में शामिल 71 अर्थशास्त्रियों में से केवल दो को छोड़कर सभी ने अनुमान लगाया कि आगामी बैठक में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं होगा।

एएनजेड बैंक के अर्थशास्त्री धीरज निम का कहना है कि वर्तमान में मुद्रास्फीति नियंत्रण में है इसलिए तेल की कीमतों में संभावित उछाल को अर्थव्यवस्था झेल सकती है। लेकिन उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि नीतिगत ब्याज दरों के मामले में जोखिम ऊपर की ओर हो सकता है। इसी तरह साक्षी गुप्ता ने भी समान राय व्यक्त की।

अधिकांश अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि जून महीनें से बनाए गए ‘न्यूट्रल’ रुख से RBI फिलहाल हटने वाला नहीं है। पश्चिम एशिया में संकट कितने समय तक जारी रहेगा, यह अनिश्चित है इसलिए केंद्रीय बैंक सतर्कता बरतता रहेगा।

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