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कोलकाता में आवास पंजीकरण में हुई वृद्धि, नाइट फ्रैंक की रिपोर्ट ने किया खुलासा

इस साल जनवरी से मार्च तिमाही के दौरान देश के सात प्रमुख शहरों में आवासीय बिक्री में करीब 7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।

By राखी मल्लिक

Mar 28, 2026 12:56 IST

कोलकाता : शहर में आवासीय संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। शुक्रवार को रियल एस्टेट कंसल्टेंसी नाइट फ्रैंक की जारी रिपोर्ट के मुताबिक फरवरी महीने में कोलकाता में कुल 4 हजार 974 आवासीय इकाइयों का पंजीकरण हुआ।

जनवरी के मुकाबले यह लगभग 63 प्रतिशत अधिक है। यह रिपोर्ट पश्चिम बंगाल सरकार के डायरेक्टरेट ऑफ रजिस्ट्रेशन एंड स्टैम्प्स रेवेन्यू के आंकड़ों पर आधारित है। रिपोर्ट में बताया गया है कि जनवरी में रजिस्ट्रेशन की संख्या अपेक्षाकृत कम थी। जिसके कारण फरवरी में तेज उछाल देखने को मिला।

खरीदारों की पसंद में भी बदलाव साफ दिखाई दे रहा है। मध्यम और बड़े आकार के घरों की मांग तेजी से बढ़ रही है। पिछले साल फरवरी में 501 से 1000 वर्गफुट के फ्लैट्स का हिस्सा कुल रजिस्ट्रेशन का 44 प्रतिशत था, जो इस साल बढ़कर 58 प्रतिशत हो गया है।

वहीं 500 वर्गफुट से छोटे घरों की हिस्सेदारी 52 प्रतिशत से घटकर 32 प्रतिशत रह गई है। इसके अलावा 1000 वर्गफुट से बड़े घरों की बिक्री भी बढ़कर 10 प्रतिशत तक पहुंच गई है।

कुल रजिस्ट्रेशन में से करीब 75 प्रतिशत संपत्तियां उत्तर और दक्षिण कोलकाता क्षेत्रों में स्थित हैं। इस पर क्रेडाई वेस्ट बंगाल के अध्यक्ष सुशील मोहता ने कहा कि रजिस्ट्रेशन में 63 प्रतिशत की वृद्धि बाजार में खरीदारों के बढ़ते भरोसे और सुधार के संकेत देती है। उनके अनुसार 500 से 1000 वर्गफुट के घरों की बढ़ती मांग यह दर्शाती है कि खरीदार अब अधिक व्यावहारिक और मूल्य-आधारित विकल्पों को प्राथमिकता दे रहे हैं साथ ही मिड और प्रीमियम सेगमेंट में भी रुचि बढ़ रही है।

वहीं नाइट फ्रैंक इंडिया के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर शिशिर बैजल का कहना है कि किफायती दाम और बेहतर बुनियादी ढांचे के कारण लोग अपेक्षाकृत बड़े घरों की ओर आकर्षित हो रहे हैं।

हालांकि दूसरी ओर रियल एस्टेट कंसल्टेंसी एनारॉक की हालिया रिपोर्ट में जानकारी दी गयी है कि इस साल जनवरी से मार्च तिमाही के दौरान देश के सात प्रमुख शहरों में आवासीय बिक्री में करीब 7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। इसके पीछे पश्चिम एशिया में जारी तनाव को एक प्रमुख कारण माना जा रहा है। जिससे बाजार की समग्र स्थिति को लेकर खरीदारों में अनिश्चितता बढ़ी है।

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