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बुक व्हीलर का आखिरी दिन : मुंबई-सेंट्रल डिविजन के सभी स्टेशनों पर हो रहे हैं बंद, सिर्फ...

पश्चिम रेलवे ने मुंबई-सेंट्रल डिविजन के सभी स्टेशनों पर बुक व्हीलर को खाली करने का आदेश दिया है।

By Moumita Bhattacharya

Mar 31, 2026 19:27 IST

गर्मी की छुट्टियों में दादी-नानी के घर जाना हो या मम्मी-पापा के साथ किसी ट्रिप पर। रेलवे स्टेशन पर पहुंचते ही किताबों की पहियों वाली दुकान से जब तक रंग-बिरंगी तस्वीरों वाली कहानी की किताबें, कॉमिक्स, न्यूज पेपर न खरीद ली जाए...ट्रिप ही अधुरा लगता है। हम में से अधिकांश लोगों की बचपन की यादों में रेलवे स्टेशन पर मौजूद किताबों की उस पहियो वाली दुकान यानी बुक व्हीलर की बहुत खास जगह होती है। लेकिन मुंबईकरों के लिए अब यह दुकान सिर्फ यादों में ही रहने वाली है। क्यों?

पश्चिम रेलवे ने मुंबई-सेंट्रल डिविजन के सभी स्टेशनों पर बुक व्हीलर को खाली करने का आदेश दिया है। आज यानी 31 मार्च से इन बुक व्हीलरों को बंद कर दिया जा रहा है जिसके साथ ही एक युग का अंत माना जा रहा है। लेकिन जरा रुकिए...अभी भी एक स्टेशन है जहां मुंबईकर बुक व्हीलर से किताबें खरीद सकते हैं।

क्यों बंद किया जा रहा है बुक व्हीलर?

TOI की मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार पश्चिम रेलवे ने मुंबई-सेंट्रल डिविजन के सभी मल्टी-पर्पस स्टॉल (MPS) को बंद करने का फैसला लिया है। वर्तमान में बुक व्हीलर MPS के तौर पर ही काम कर रहे थे। बताया जाता है कि पश्चिम रेलवे ने MPS को बंद करने का नोटिस जारी किया जिसमें बताया गया कि अगले 72 घंटों के अंदर सभी 55 MPS को बंद कर देना होगा। यह नोटिस 28 मार्च को जारी किया गया जिसके मुताबिक 72 घंटों की समयसीमा आज (31 मार्च) को खत्म हो रही है।

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1 अप्रैल 2021 को भारतीय रेलवे के बुक स्टॉल के साथ हुए एक समझौते के तहत 5 सालों के लिए MPS की तरह काम करने वाले थे। इस समझौते की समयसीमा 31 मार्च 2026 को खत्म हो रही है जिसकी वजह से सभी 55 MPS को बंद कर दिया जा रहा है। हालांकि पश्चिमी रेलवे ने सिर्फ एक बुक व्हीलर के साथ कोई छेड़छाड़ न करने का फैसला लिया है।

'इलाहबाद' में खुला था पहला व्हीलर

देश का पहला बुक व्हीलर 1877 में इलाहबाद (वर्तमान प्रयागराज) स्टेशन पर खोला गया था। बताया जाता है कि इसकी शुरुआत उस समय की गयी थी जब फ्रेंच व्यापारी एमिली एडवर्ड मोर्यो और टीके बनर्जी ने ट्रेन के लिए इंतजार कर रहे यात्रियों को किताबें बेचना शुरू किया था। धीरे-धीरे इसका ट्रेन और यात्रियों के साथ गहरा रिश्ता बनता चला गया और भारतीय रेलवे के इतिहास से जुड़ गया।

दावा जाता है कि प्रसिद्ध लेखक रुडयार्ड किपलिंग (जंगल बुक के लेखक) की शुरुआती रचनाओं को लोकप्रिय बनाने में बुक व्हीलर की प्रमुख भूमिका रही है।

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कहां दिखेगा एकमात्र बुक व्हीलर?

मुंबई-सेंट्रल डिविजन पर सिर्फ एक बुक व्हीलर मौजूद रहेगा जिसे रेलवे हाथ नहीं लगाएगी। mid day की मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार मुंबई सेंट्रल टर्मिनस स्टेशन पर एक बुक व्हीलर मौजूद रहेगा जिसे उसी स्थिति में रखा जाएगा जैसा वह है। इस बारे में पश्चिमी रेलवे के एक अधिकारी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मुंबई के दूसरे स्टेशनों के बुक व्हीलर बस एक क्यूबिकल्स की तरह हैं लेकिन मुंबई सेंट्रल पर उसकी असली डिजाइन में व्हीलर मौजूद है। इसलिए इसे जस का तस रखा जाएगा।

हालांकि मीडिया रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि इन सभी बुक क्यूबिकल्स अथवा मल्टी-पर्पस स्टॉल (MPS) के लिए नए टेंडर आमंत्रित किए जा चुके हैं जिसका मतलब है कि पश्चिमी रेलवे इन जगहों का व्यावसायिक इस्तेमाल करना आगे भी जारी रखने वाला है।

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