भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भड़काऊ भाषण देने के आरोप में मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के पास शिकायत दर्ज करवायी है। अपनी शिकायत में भाजपा ने 25 मार्च को उत्तर बंगाल के मयनागुड़ी में तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी के एक भाषण का उल्लेख किया है। पर मुख्यमंत्री ने ऐसा क्या कहा जिसे लेकर भाजपा ने निर्वाचन आयोग का दरवाजा खटखटाया है और उनके खिलाफ शिकायत दर्ज की है?
मुख्य निर्वाचन अधिकारी को लिखे पत्र में भाजपा ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाया है। इस पत्र में भाजपा ने लिखा है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चुनावी प्रक्रिया के दौरान राज्य भर में विभिन्न सार्वजनिक रैलियों में दिए गए हालिया बयान गंभीर और चिंता बढ़ाने वाले हैं। उनकी भाषा डर का माहौल पैदा करने वाला और मतदाताओं को दबाव में लाने वाला प्रतीत हो रहा है जो स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव के लिए खतरा है।
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इस पत्र में मुख्यमंत्री के कुछ भाषणों का उदाहरण देते हुए उत्तर बंगाल के मयनागुड़ी में दिए गए भाषण का हवाला दिया। दावा किया जा रहा है कि 25 मार्च को मयनागुड़ी में भाषण देते हुए ममता बनर्जी ने कहा था कि चुनाव के बाद आम जनता को अपने-अपने घरों के बाहर पोस्टर लगाना पड़ेगा जिसमें यह घोषित किया जाएगा कि 'मैं भाजपा का समर्थन नहीं करता हूं'। भाजपा ने इस भाषण को सीधे तौर पर धमकाना करार दे रही है।
वहीं दूसरी ओर ममता बनर्जी ने भी चुनाव आयोग को पत्र लिखकर बंगाल की जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन का आरोप लगाते हुए चिंता जाहिर की है। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने हजारों की संख्या में फॉर्म 6 मुख्य निर्वाचन अधिकारी के ऑफिस में जमा किया है। इसके माध्यम से राज्य के बाहरी लोगों को मतदाता सूची में शामिल करने की साजिश की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने अपने X हैंडल पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि भाजपा दिल्ली और महाराष्ट्र में यह करने में सफल रही है और अब बंगाल में वहीं गंदा खेल खेलने की कोशिश कर रही है।
हालांकि चुनाव आयोग ने इन आरोपों को गंभीरता से लेने और CCTV फुटेज की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन भी दिया है।