झाड़ग्राम : पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा नेता दिलीप घोष के एक विवादित बयान ने राजनीतिक माहौल गर्म कर दिया है। सोमवार को नयाग्राम विधानसभा क्षेत्र के रंटुआ बाजार में आयोजित एक जनसभा में उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को कड़े शब्दों में निर्देश देते हुए कहा कि यदि कोई मतदान में बाधा डालने की कोशिश करे तो “कच्चे बांस से उसकी टांग तोड़ देनी चाहिए।” उन्होंने यहां तक कहा कि प्रहार सीधे गर्दन पर होना चाहिए। इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखी जा रही है।
दिलीप घोष नयाग्राम से भाजपा उम्मीदवार अमिय किस्कू के समर्थन में प्रचार करने पहुंचे थे। अपने भाषण में उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए क्षेत्र में लूट और अराजकता का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जंगलमहल इलाके में रोजगार के अवसर नहीं हैं जिसके कारण युवा दूसरे राज्यों में पलायन कर रहे हैं।
उन्होंने किसानों की समस्याओं को भी उठाया। घोष के अनुसार गोपीबल्लभपुर क्षेत्र में पहले गन्ना, तरबूज और मिर्च की खेती होती थी जो अब लगभग बंद हो चुकी है। साथ ही, आलू किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है।
सभा के दौरान भाजपा ने दावा किया कि तीन पूर्व पंचायत समिति कर्माध्यक्षों सहित लगभग 500 तृणमूल समर्थक पार्टी में शामिल हुए। दिलीप घोष ने स्वयं उन्हें पार्टी का झंडा थमाया। हालांकि स्थानीय तृणमूल नेतृत्व ने इस दावे को खारिज कर दिया। तृणमूल के ब्लॉक अध्यक्ष टिंकू पाल ने कहा कि सभा में 200 लोग भी नहीं थे ऐसे में 500 लोगों के शामिल होने का दावा निराधार है। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग पार्टी छोड़कर गए हैं वे पिछले तीन वर्षों से सक्रिय नहीं थे इसलिए इससे तृणमूल को कोई नुकसान नहीं होगा।