बेंगलुरुः कर्नाटक में आईपीएल 2026 के बीच एक नया विवाद खड़ा हो गया है। राज्य के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के मैचों के लिए विधायकों (एमएलए) और सांसदों (एमपी) को टिकट देने की घोषणा की है। इस फैसले ने विशेष सुविधाओं और वीआईपी संस्कृति को लेकर बहस तेज कर दी है।
क्या है शिवकुमार का फैसला?
बेंगलुरु में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डीके शिवकुमार ने बताया कि उन्होंने आरसीबी, कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (केएससीए) और अन्य अधिकारियों के साथ चर्चा के बाद यह निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि आईपीएल मैचों के लिए हर विधायक और सांसद को तीन टिकट दिए जाएंगे। एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह टिकट किसी पर थोपे नहीं जाएंगे-जो नहीं लेना चाहते, उन्हें मजबूर नहीं किया जाएगा।
अंतरराष्ट्रीय मैचों के लिए केएससीए दो टिकट उपलब्ध करा सकता है, जिन्हें खरीदा जा सकता है, और सरकार इसमें मदद करेगी।
विवाद की वजह क्या बनी?
यह मुद्दा तब उठा जब कांग्रेस विधायक विजयनंद काशप्पनावर ने मांग की कि हर विधायक को कम से कम पांच टिकट मिलने चाहिए, क्योंकि वे “वीआईपी” हैं और कतार में खड़े नहीं हो सकते। इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली।
विपक्ष और नेताओं की प्रतिक्रिया
कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने इस मांग का विरोध करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि आम जनता से अलग नहीं हैं और उन्हें विशेष सुविधाएं नहीं मांगनी चाहिए। उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए 2025 की उस दुखद घटना की याद दिलाई, जब रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की पहली आईपीएल जीत के बाद एम चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर भगदड़ में 11 लोगों की मौत हो गई थी।
कांग्रेस सांसद मणिक्कम तागोर ने भी कहा कि टिकट वितरण पूरी तरह पारदर्शी होना चाहिए और जनप्रतिनिधियों को किसी विशेष दर्जे की अपेक्षा नहीं करनी चाहिए।
विवाद की वजहः 2025 की दुखद घटना
4 जून 2025 को आरसीबी की ऐतिहासिक जीत के जश्न के दौरान स्टेडियम के बाहर भारी भीड़ जुटी थी। इस दौरान मची भगदड़ में 11 लोगों की मौत हुई और 56 से अधिक लोग घायल हो गए। इस साल आरसीबी ने श्रद्धांजलि के रूप में स्टेडियम में 11 सीटें खाली रखने का फैसला किया है।
आईपीएल 2026: आरसीबी के होम मैच
आईपीएल 2026 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु अपने घरेलू मैच एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेलेगी। प्रमुख मुकाबले इस प्रकार हैं:
28 मार्च: सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ
5 अप्रैल: चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ
15 अप्रैल: लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ
इस सीजन में टीम कुल पांच होम मैच बेंगलुरु में खेलेगी।
बहस का केंद्र: वीआईपी बनाम आम जनता
इस पूरे विवाद ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या जनप्रतिनिधियों को ऐसी विशेष सुविधाएं मिलनी चाहिए। जहां एक ओर कुछ विधायक इसे अधिकार मानते हैं, वहीं कई नेता और आम लोग टिकट वितरण में समानता और पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं।
आरसीबी के मैच टिकटों को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब राजनीतिक और सामाजिक बहस का रूप ले चुका है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार और संबंधित संस्थाएं इस मुद्दे को किस तरह संतुलित करती हैं।