ढाका: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच बांग्लादेश (Bangladesh) में ईंधन संकट गहराता जा रहा है। इस बीच प्रशासन ने देशभर में बड़ा अभियान चलाते हुए 64 जिलों में छापेमारी की और सिर्फ 24 घंटे में 87,700 लीटर अवैध रूप से जमा किया गया ईंधन बरामद किया।
जिला प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर कुल 391 अभियान चलाए गए, जिनमें 191 मामले दर्ज किए गए और करीब 9,35,070 रुपये का जुर्माना लगाया गया। इस कार्रवाई के दौरान 7 लोगों को सजा भी सुनाई गई, जिनमें सतखीरा में एक व्यक्ति को 2 महीने, चांदपुर में एक को 1 साल और गाजीपुर में एक को 1 महीने की जेल हुई।
ऊर्जा एवं खनिज संसाधन विभाग के प्रवक्ता मोनिर होसैन चौधुरी ने प्रेस वार्ता में बताया कि बरामद किए गए ईंधन में 67,400 लीटर डीजल, 6,444 लीटर ऑक्टेन और 13,856 लीटर पेट्रोल शामिल है।
संकट के बीच भारत ने बांग्लादेश की मदद के लिए डीजल आपूर्ति बढ़ाई है। बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन के अधिकारी मो. मुर्शेद होसैन आजाद के अनुसार, हाल ही में 5,000 टन अतिरिक्त डीजल बांग्लादेश पहुंचा है और कुल मिलाकर 15,000 टन डीजल की आपूर्ति हो चुकी है। अप्रैल में 40 हजार टन डीजल की और आपूर्ति का प्रस्ताव भी स्वीकार कर लिया गया है।
बांग्लादेश अब ईंधन के लिए नए स्रोतों की तलाश भी कर रहा है। सरकार सिंगापुर, मलेशिया, नाइजीरिया, अजरबैजान, कजाखस्तान, अंगोला, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका जैसे देशों से संपर्क में है, जबकि इंडोनेशिया से करीब छह हजार टन ईंधन की अतिरिक्त खेप आने की उम्मीद है।
पश्चिम एशिया संकट का असर अब साफ दिखने लगा है। देश के कई पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग रही हैं और हालात अव्यवस्थित होते जा रहे हैं। मार्च में विमान ईंधन की कीमत भी दूसरी बार बढ़ाई गई, जिससे दबाव और बढ़ गया है। ऐसे में एक तरफ अवैध जमाखोरी पर सख्ती की जा रही है, तो दूसरी ओर आयात बढ़ाकर स्थिति को संभालने की कोशिश जारी है।