पाकिस्तान में प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर के परिवार में एक रहस्यमय मौत का मामला सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स में किए गए दावों की माने तो मसूद अजहर (Jaish chief Masood Azhar) का भाई और संगठन का एक वरिष्ठ नेता मोहम्मद ताहिर अनवर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि यह घटना कई सवाल खड़े कर रही है और इसे लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।
पाकिस्तान के विभिन्न सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अज़हर के भाई मोहम्मद ताहिर अनवर की मौत कैसे हुई, इस बारे में अभी तक कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। यह मृत्यु स्वाभाविक थी अथवा किसी बीमारी के कारण हुई या फिर इसके पीछे कोई और वजह है - इसको लेकर अब भी संशय बना हुआ है।
हालांकि उनके निधन की खबर मिल चुकी है लेकिन इस मामले पर पाकिस्तान प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। इस वजह से मोहम्मद ताहिर अनवर की मौत से जुड़ा रहस्य और भी गहरता जा रहा है। बताया जाता है कि सोमवार की देर रात को बहावलपुर की मस्जिद में उसका अंतिम संस्कार यानी जनाजा किया गया।
कौन है ताहिर अनवर?
मसूद अज़हर का बड़ा भाई ताहिर अनवर जैश-ए-मोहम्मद संगठन के प्रमुख कमांडर था। आतंकी संगठन प्रमुख मसूद के 12 भाई-बहनों में वह सबसे बड़ा था। भारत पर हुए कई आतंकी हमलों में उसके शामिल होने के सबूत भी मिले हैं। 62 साल का ताहिर अनवर पिछले करीब 2 दशक से अधिक समय से जैश-ए-मोहम्मद की सैन्य शाखा के प्रधान की भूमिका निभा रहा था। विभिन्न आतंकी हमलों से पहले जिहादियों को ट्रेनिंग देने की जिम्मेदारी ताहिर पर ही रहती थी।
मीडिया रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि आतंक की दुनिया में कदम रखने से पहले ताहिर अनवर पाकिस्तान में मुर्गियां पालने का काम किया करता था। साल 2000 के बाद वह आतंकी गतिविधियों में शामिल हो गया। गौरतलब है कि इसके अगले साल यानी 2001 में संसद पर हमले की जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अज़हर ने ली। इसके अलावा 2019 में पुलवामा हमले का भी वह मास्टरमाइंड माना जाता है।
कभी नहीं आया फ्रंट में
आतंकी मौलाना मसूद अज़हर जहां फ्रंट पर आकर आतंकी गतिविधियों में खुलेआम शामिल होता था वहीं उसका बड़ा भाई ताहिर अनवर कभी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया। वह हमेशा पर्दे के पीछे रहा है और जैश को पैदा करने से लेकर आतंक का पर्याय बनने तक में उसे मजबूती देता रहा है।
मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जाता है कि ताहिर जैश-ए-मोहम्मद के नए हेडक्वार्टर 'मरकज उस्मान ओ अली' में अपने परिवार के साथ रहता था और इन्हीं आतंकी गतिविधियों में शामिल रहता था। बताया जाता है कि भारत द्वारा चलाए गए 'ऑपरेशन सिन्दूर' के बाद जैश की महिला आतंकी विंग को ताहिर और मसूद की मौजूदगी में ही लॉन्च किया गया। ताहिर ही इस विंग की महिला आतंकियों को ट्रेनिंग दे रहा था।
बड़े भाई ताहिर अनवर का मारा जाना मसूद अज़हर के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है क्योंकि पिछले साल भारतीय सेना द्वारा 5-6 मई की रात को चलाए गए 'ऑपरेशन सिन्दूर' में 100 से ज्यादा आतंकियों का सफाया हो गया। इसमें मसूद के परिवार के सदस्य भी शामिल थे। बताया गया कि बहावलपुर में जैश के हेडक्वार्टर पर हुए भारतीय सेना के हमले में मसूद अजहर के परिवार के 10 सदस्य ढेर हो गए थे।