CEO दफ्तर के बाहर फिर बढ़ा तनाव, SUCI के प्रदर्शन से स्ट्रैंड रोड पर हंगामा

फॉर्म-6 विवाद पर लगातार दूसरे दिन बवाल, पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेकर मामला दर्ज किया।

By श्वेता सिंह

Apr 01, 2026 16:25 IST

कोलकाताः पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले स्ट्रांड रोड स्थित मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के दफ्तर के बाहर लगातार दूसरे दिन तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। SUCI (सोशलिस्ट यूनिटी सेंटर ऑफ इंडिया) के कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन ने इलाके का माहौल गरमा दिया। फॉर्म-6 को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सियासी टकराव का बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है।

मार्च के दौरान धक्का-मुक्की, हालात तनावपूर्ण

बुधवार को सैकड़ों एसयूसीआई (SUCI) कार्यकर्ता सीईओ कार्यालय की ओर मार्च करते हुए पहुंचे। लेकिन पुलिस ने उन्हें मुख्य गेट के पास ही रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। इलाके में पहले से लगाए गए गार्डरेल के पास भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया। पुलिस ने स्थिति संभालने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया। मंगलवार को भी इसी स्थान पर झड़प हुई थी, जिसमें पत्थरबाजी की घटनाएं सामने आई थीं।

फॉर्म-6 विवाद ने बढ़ाई सियासी टकराव

पूरा विवाद फॉर्म-6 को लेकर है, जिसका इस्तेमाल नए मतदाताओं को वोटर सूची में जोड़ने के लिए किया जाता है। तृणमूल कांग्रेस (All India Trinamool Congress) ने आरोप लगाया है कि भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में फॉर्म-6 जमा कर रहे हैं। दावा किया गया कि एक ही दिन में लगभग 30,000 फॉर्म जमा किए गए, जिससे बाहरी लोगों को मतदाता बनाने की कोशिश हो सकती है। हालांकि विपक्ष इन आरोपों को राजनीतिक करार दे रहा है।

निर्वाचन आयोग की सफाई और नियम

चुनाव आयोग (Election Commission of India) ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि कोई भी व्यक्ति दस्तावेज जमा कर सकता है, लेकिन नियमों का पालन अनिवार्य है। एक व्यक्ति अधिकतम 50 फॉर्म-6 ही जमा कर सकता है। साथ ही यह भी बताया गया कि नामांकन की अंतिम तिथि 6 अप्रैल 2026 से 10 दिन पहले तक जमा किए गए फॉर्म ही मान्य होंगे।

वोटर लिस्ट में बड़े बदलाव, जांच जारी

राज्य में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान करीब 63.66 लाख नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, जबकि 60 लाख से ज्यादा नामों की जांच अभी जारी है। इस प्रक्रिया के बाद कुल मतदाताओं की संख्या 7.66 करोड़ से घटकर लगभग 7.08 करोड़ रह गई है, जो अपने आप में एक बड़ा बदलाव है।

पुलिस की कार्रवाई और सख्त सुरक्षा इंतजाम

मंगलवार की हिंसा के बाद हेयर स्ट्रीट थाना (Hare Street Police Station) में अज्ञात लोगों के खिलाफ स्वतः संज्ञान (सुओ मोटो) मामला दर्ज किया गया है। प्रशासन ने बीएनएसएस धारा 163 (Section 163 BNSS) के तहत प्रतिबंधों को और सख्त कर दिया है। अब कोयलाघाट क्रॉसिंग से किरणशंकर राय रोड क्रॉसिंग तक का पूरा इलाका-फुटपाथ सहित-इस दायरे में शामिल किया गया है। इलाके में हेलमेट और ढाल से लैस पुलिस बल तैनात है, साथ ही सीसीटीवी निगरानी भी बढ़ा दी गई है।

चुनाव नजदीक, बढ़ती जा रही चुनौती

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 23 अप्रैल और 29 अप्रैल 2026 को दो चरणों में होंगे, जबकि मतगणना 4 मई को होगी। नामांकन की अंतिम तिथि 6 अप्रैल है, ऐसे में फॉर्म-6 और मतदाता सूची को लेकर विवाद ने राजनीतिक माहौल को और संवेदनशील बना दिया है।

SUCI के अलावा तृणमूल कांग्रेस (Trinamool Congress) और भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं। चुनाव से पहले जिस तरह से प्रदर्शन, आरोप और टकराव बढ़ रहे हैं, उससे साफ है कि प्रशासन और निर्वाचन आयोग के सामने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कराना एक बड़ी चुनौती है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि जांच और कार्रवाई कितनी पारदर्शी होती है और मतदाताओं का भरोसा किस तरह कायम रखा जाता है।

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