कोलकाताः पश्चिम बंगाल में चुनावी पारा अपने चरम पर है। विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया है। इसी कड़ी में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) का कोलकाता दौरा बेहद अहम माना जा रहा है। उन्होंने यहां पहुंचकर स्पष्ट किया कि भाजपा इस बार चुनाव को लेकर कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। अमित शाह ने ऐलान किया कि वह चुनाव से पहले 15 दिनों तक पश्चिम बंगाल में डेरा डालेंगे और लगातार चुनाव प्रचार में जुटे रहेंगे।
शुभेंदु अधिकारी के नामांकन को बनाया बड़ा अभियान
भवानीपुर विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार और राज्य के नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) गुरुवार को नामांकन दाखिल कर दिया है। उनके नामांकन से पहले पहले पार्टी ने हाजरा मोड़ पर एक बड़ी जनसभा आयोजित की, जिसमें अमित शाह मुख्य वक्ता रहे। इस कार्यक्रम को भाजपा ने सिर्फ एक औपचारिक प्रक्रिया न बनाकर बड़े राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन के रूप में पेश किया।
सभा के बाद एक भव्य रोड शो निकाला गया, जिसमें अमित शाह खुद शुभेंदु अधिकारी के साथ रथनुमा वाहन पर सवार होकर जनता का अभिवादन करते नजर आए। सड़कों पर बड़ी संख्या में समर्थकों की मौजूदगी ने इस आयोजन को और प्रभावशाली बना दिया।
भवानीपुर सीट क्यों है खास ?
भवानीपुर विधानसभा सीट राज्य की सबसे चर्चित और हाई-प्रोफाइल सीटों में गिनी जाती है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि यहां से मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) चुनाव लड़ती रही हैं। ऐसे में भाजपा ने इस सीट को सीधे ममता बनर्जी के खिलाफ प्रतिष्ठा की लड़ाई के तौर पर चुना है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भवानीपुर का मुकाबला सिर्फ एक सीट का चुनाव नहीं, बल्कि राज्य की सियासी दिशा तय करने वाला प्रतीकात्मक संघर्ष बन सकता है।
शाह का बयान: रणनीति साफ
हाजरा मोड़ की सभा में अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा,“मैं चुनाव से पहले 15 दिन बंगाल में रहूंगा। इससे मुझे आप लोगों के बीच रहने और संवाद करने का मौका मिलेगा। मैं खास तौर पर शुभेंदु अधिकारी के नामांकन के लिए यहां आया हूं।”
उन्होंने यह भी खुलासा किया कि शुभेंदु अधिकारी पहले नंदीग्राम से ही चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन उनकी सलाह पर उन्होंने भवानीपुर से मैदान में उतरने का फैसला किया। अमित शाह के अनुसार, भाजपा की रणनीति ममता बनर्जी को उनके ही गढ़ में चुनौती देना है।
नंदीग्राम की जीत का जिक्र
अपने भाषण में शाह ने 2021 के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि नंदीग्राम सीट पर शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को हराया था। इस उदाहरण को देते हुए उन्होंने कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाया और दावा किया कि इस बार भी भाजपा मजबूत प्रदर्शन करेगी।
भाजपा का आक्रामक चुनावी प्लान
अमित शाह का 15 दिन तक राज्य में रहने का ऐलान भाजपा के आक्रामक चुनावी अभियान का संकेत माना जा रहा है। पार्टी भवानीपुर सहित कई महत्वपूर्ण सीटों पर फोकस कर रही है और बड़े नेताओं की सक्रिय भागीदारी के जरिए माहौल बनाने की कोशिश कर रही है।
आगे की रणनीति क्या होगी ?
भवानीपुर में शुभेंदु अधिकारी का नामांकन और उसके साथ जुड़ा शक्ति प्रदर्शन आने वाले दिनों में चुनावी बहस का केंद्र बना रहेगा। अमित शाह की लगातार मौजूदगी से यह साफ है कि भाजपा इस चुनाव को प्रतिष्ठा की लड़ाई के रूप में देख रही है। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि इस हाई-प्रोफाइल सीट पर मुकाबला किस दिशा में जाता है।