मोथाबाड़ी में न्यायिक अधिकारियों पर हमले के मामले की जांच अब केंद्रीय जांच एजेंसी CBI करेगी। गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की डिविजन ने चुनाव आयोग से इस मामले की जांच NIA अथवा CBI से करवाने के निर्देश दिए थे। कौन सी एजेंसी जांच करेगी इसका फैसला चुनाव आयोग से लेने के लिए ही कहा गया था। अब गुरुवार की देर शाम को मिली जानकारी के अनुसार मोथाबाड़ी मामले की जांच की जिम्मेदारी CBI को सौंपी जा रही है।
मालदह कांड के बाद ही चुनाव आयोग ने एक विशेष आदेश भी जारी किया था जिसमें कहा गया था कि गुलाम अली अंसारी सिर्फ मालदह डिविजन कमिश्नर की जिम्मेदारी ही संभालेंगे। इससे पहले वह निगम व नगरोन्नयन विभाग के मुख्य सचिव की जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे।
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बुधवार को मालदह के मोथाबाड़ी में घटी घटना की वजह से ही मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने यह फैसला लिया। आयोग सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जब आयोग की बैठक चल रही थी तब दिल्ली में चुनाव आयोग के ऑफिस में राज्य के मुख्य सचिव भी मौजूद थे।
बताया जाता है कि इस घटना को लेकर ज्ञानेश कुमार ने मुख्य सचिव को काफी लताड़ा था। सिर्फ मुख्य सचिव ही नहीं कोलकाता के पुलिस कमिश्नर, गृह सचिव और राज्य पुलिस के डीजीओ पर भी ज्ञानेश कुमार ने अपनी नाराजगी जाहिर की थी। आरोप है कि जिस समय घटना घट रही थी तब मुख्य सचिव फोन पर उपलब्ध नहीं थे। यहां तक कि कलकत्ता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने भी उन्हें कॉल किया था लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया था।
गुरुवार को चुनाव आयोग की फुल बेंच बैठक में राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी, मुख्य सचिव, डीजीपी, एडीजी (कानून-व्यवस्था), कोलकाता पुलिस के कमिश्नर, सभी जिलों के निर्वाचन अधिकारी, पुलिस कमिश्नर व पुलिस सुपर भी मौजूद रहे।