बिहारशरीफ (बिहार): नालंदा जिले के एक मंदिर में मंगलवार को मची भगदड़ में कम से कम आठ महिलाओं की जान चली गई। पुलिस के अनुसार यह हादसा मंगलवार सुबह शीतला माता मंदिर में श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ के कारण हुआ।
बिहारशरीफ के सहायक पुलिस अधीक्षक नूरुल हक ने बताया, “मंगलवार सुबह शीतला माता मंदिर में भगदड़ की घटना में कम से कम आठ महिलाओं की मौत हो गई। पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंच चुके हैं और राहत-बचाव कार्य जारी है।”
उन्होंने कहा कि भगदड़ के सटीक कारण का अभी पता नहीं चल पाया है, लेकिन मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मौजूद थी। हक स्वयं भी घटनास्थल पर मौजूद थे।
सूत्रों के अनुसार एक दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। यह घटना मगहड़ा गांव स्थित मंदिर में हुई, जहां हर मंगलवार की तरह आज भी मेला लगा था और अत्यधिक भीड़ के कारण स्थिति बेकाबू हो गई। यह मंदिर दीपनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है। हालात की गंभीरता को देखते हुए आसपास लगे मेले की दुकानों को बंद कराने का आदेश दिया गया, लेकिन इसके बावजूद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए।
एएनआई न्यूज एजेंसी ने प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से कहा है कि मौके पर पर्याप्त पुलिस बल मौजूद नहीं था, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। एक स्थानीय व्यक्ति के अनुसार महावीर जयंती और मंगलवार होने के कारण श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी थी और बैरिकेड टूटने के बाद अचानक भगदड़ मच गई। वहीं एक श्रद्धालु ने बताया कि यहां कतार की व्यवस्था तो थी, लेकिन लोग लाइन में खड़े नहीं रहना चाहते थे, जिससे अव्यवस्था फैल गई और हादसा हो गया। इस घटना को लेकर प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। इस बीच बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस हादसे को बेहद दुखद बताते हुए मृतकों और घायलों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। वहीं द्रौपदी मुर्मू का इसी दिन बिहार के राजगीर दौरा भी प्रस्तावित है, जहां वे नालंदा विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल होने वाली हैं।