नयी दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ के प्रभाव को लेकर देशवासियों से अपने विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि इस योजना के परिणाम अब देश के हर हिस्से में स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगे हैं।
‘मन की बात’ कार्यक्रम के 132वें संस्करण में बोलते हुए उन्होंने कहा कि आज छोटे-बड़े सभी शहरों में बड़ी संख्या में घरों की छतों पर सोलर पैनल लगे नजर आते हैं। पहले यह दृश्य बहुत कम घरों तक सीमित था, लेकिन अब यह बदलाव व्यापक स्तर पर दिख रहा है।
प्रधानमंत्री ने गुजरात के सुरेंद्रनगर की पायल मुंजपरा का उदाहरण दिया, जिन्होंने ‘सूर्य पहल’ के तहत चार महीने का सोलर पीवी तकनीशियन कोर्स किया। अब वे एक सोलर उद्यमी के रूप में काम कर रही हैं और आसपास के जिलों में सोलर रूफटॉप लगाने का कार्य कर रही हैं, जिससे उनकी अच्छी आमदनी हो रही है। उन्होंने मेरठ के अरुण कुमार का भी उल्लेख किया, जो अब अतिरिक्त बिजली बेचकर आय अर्जित कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि अरुण न सिर्फ अपनी बिजली का खर्च बचा रहे हैं, बल्कि अतिरिक्त बिजली बेचकर कमाई भी कर रहे हैं।
जयपुर के मुरलीधर जी का उदाहरण देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने डीजल पंप की जगह सोलर पंप अपनाया, जिससे खेती का तरीका पूरी तरह बदल गया। अब उन्हें ईंधन की चिंता नहीं रहती, समय पर सिंचाई हो पाती है और उनकी सालाना आय में भी बढ़ोतरी हुई है।
प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि इस योजना का लाभ पूर्वोत्तर राज्यों तक पहुंच रहा है, खासकर त्रिपुरा के रियांग समुदाय को। पहले जहां बिजली की समस्या थी, वहीं अब बच्चों की पढ़ाई रात में भी संभव हो गई है, मोबाइल चार्ज हो पा रहे हैं और गांवों की सामाजिक जिंदगी में सकारात्मक बदलाव आया है।
‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ की शुरुआत 13 फरवरी 2024 को की गई थी। इस योजना के तहत घरों में सोलर पैनल लगाने के लिए सरकार 40% तक की सब्सिडी देती है। इसका उद्देश्य गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को महंगी बिजली से राहत देना, हरित ऊर्जा को बढ़ावा देना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।