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रेलवे स्टेशनों पर भीड़ कम करने के लिए बड़ा प्लान, देश के 76 प्रमुख स्टेशनों पर बनाए जाएंगे आधुनिक पैसेंजर होल्डिंग एरिया

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का ऐलान, हाई-टेक सुविधाओं से लैस वेटिंग और होल्डिंग एरिया बनेंगे, यात्रियों को मिलेगी राहत। रेलवे स्टेशनों पर भीड़ नियंत्रण के लिए नई व्यवस्था, एआई कैमरे और स्मार्ट सुविधाएं होंगी लागू

By डॉ. अभिज्ञात

Mar 29, 2026 01:41 IST

नयी दिल्लीः देशभर के व्यस्त रेलवे स्टेशनों पर बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रेलवे मंत्रालय ने एक बड़ा कदम उठाया है। योजना के तहत देश के 76 प्रमुख स्टेशनों पर आधुनिक सुविधाओं से युक्त विशेष “पैसेंजर होल्डिंग एरिया” विकसित किए जा रहे हैं, ताकि प्लेटफॉर्म पर भीड़ कम की जा सके और यात्रियों को बेहतर व्यवस्था मिल सके।

इन होल्डिंग एरिया में यात्रियों के लिए बैठने की सुविधा, पीने का पानी, शौचालय, टिकट काउंटर, डिजिटल सूचना बोर्ड और सुरक्षा जांच जैसी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसका मकसद यह है कि यात्रियों को प्लेटफॉर्म पर जाने से पहले एक व्यवस्थित और आरामदायक जगह मिल सके, खासकर भीड़भाड़ के समय।

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर इस तरह का एक मॉडल पहले ही शुरू किया जा चुका है, जिससे वहां भीड़ नियंत्रण में काफी मदद मिली है। यहां अतिरिक्त टिकट काउंटर, ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन, पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम और इलेक्ट्रॉनिक ट्रेन डिस्प्ले जैसी सुविधाएं दी गई हैं।

सुरक्षा के लिहाज से इन क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे, बैगेज स्कैनर, मेटल डिटेक्टर, बेहतर रोशनी, लगातार बिजली आपूर्ति, बड़े पंखे और अग्निशमन प्रणाली भी लगाई गई है। साथ ही आरओ पानी और पुरुष, महिला व दिव्यांगजनों के लिए अलग-अलग शौचालय की व्यवस्था की गई है।

रेलवे अब एक नई व्यवस्था भी लागू कर रहा है, जिसके तहत कन्फर्म टिकट वाले यात्रियों को सीधे प्लेटफॉर्म पर जाने की अनुमति होगी। वहीं, बिना टिकट या वेटिंग टिकट वाले यात्रियों को इन होल्डिंग एरिया में ही रुकना होगा, जब तक उनकी यात्रा की स्थिति स्पष्ट न हो जाए।

स्टेशनों पर आवाजाही को आसान बनाने के लिए चौड़े फुटओवर ब्रिज भी बनाए जा रहे हैं। इसके साथ ही भीड़ की निगरानी के लिए एआई आधारित सीसीटीवी कैमरों का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे रियल टाइम में स्थिति पर नजर रखी जा सके।

बेहतर समन्वय के लिए बड़े स्टेशनों पर “वॉर रूम” बनाए जाएंगे, जहां विभिन्न विभागों के अधिकारी मिलकर काम करेंगे। इसके अलावा आधुनिक संचार उपकरण, जैसे उन्नत वॉकी-टॉकी और घोषणा प्रणाली भी लागू की जाएगी।

रेलवे कर्मचारियों को नई डिजाइन के क्यूआर कोड वाले पहचान पत्र और नई वर्दी दी जाएगी, ताकि आपात स्थिति में उनकी पहचान आसानी से हो सके। प्रशासनिक स्तर पर भी बदलाव किए जा रहे हैं। सभी बड़े स्टेशनों पर स्टेशन डायरेक्टर का पद मजबूत किया जाएगा और उन्हें वित्तीय अधिकार भी दिए जाएंगे, ताकि वे मौके पर ही फैसले ले सकें। साथ ही, वे स्टेशनों की क्षमता के अनुसार टिकट बिक्री को नियंत्रित भी कर सकेंगे। यह जानकारी रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा में एक लिखित जवाब के माध्यम से दी।

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