कोलकाताः कोलकाता में चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के लिए 2026 विधानसभा चुनावों से पहले विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत मतदाता सूची की तीसरी पूरक सूची जारी कर दी है। यह सूची पहले जारी की गई दो पूरक सूचियों के बाद सामने आई है, लेकिन इसमें कितने नाम जोड़े गए या हटाए गए, इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।
इससे पहले आयोग ने 23 मार्च को ‘अंडर एडजुडिकेशन’ मतदाताओं की पहली सूची जारी की थी, जिसमें भी नामों की संख्या को लेकर कोई ठोस आंकड़ा साझा नहीं किया गया था। इस कारण आयोग को विभिन्न पक्षों से आलोचना का सामना करना पड़ा था।
चुनाव आयोग के एक अधिकारी के अनुसार पूरक सूची का मतलब ऐसी अतिरिक्त सूची से है, जिसमें अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद नए नाम जोड़े जाते हैं या पुराने विवरणों में सुधार किया जाता है। इसके साथ ही उन मतदाताओं के नाम भी बहाल किए जाते हैं, जिनकी जांच पूरी हो चुकी होती है।
इसी प्रक्रिया के तहत हटाए गए नामों की अलग सूची भी जारी की जाती है, जिसमें डुप्लीकेट नाम, मृत्यु या स्थान परिवर्तन जैसे कारणों से हटाए गए मतदाताओं का विवरण शामिल होता है।
अधिकारियों का कहना है कि इस तरह चरणबद्ध तरीके से पूरक सूचियां जारी करने का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी पात्र मतदाताओं के नाम शामिल हों और सूची में किसी तरह की त्रुटि न रहे। अदालत के निर्देश के अनुसार अब ये सूचियां नियमित रूप से जारी की जाएंगी।
SIR प्रक्रिया के तहत गिनती के दौरान करीब 58 लाख नाम हटाए गए थे, जिससे राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या 7.66 करोड़ से घटकर 7.08 करोड़ रह गई। बाद में 28 फरवरी को प्रकाशित सूची में यह संख्या और घटकर लगभग 7.04 करोड़ हो गई, जबकि 60 लाख से अधिक नाम अभी भी न्यायिक जांच के दायरे में हैं। सूत्रों के अनुसार पहली पूरक सूची में करीब 10 लाख नाम शामिल थे, जबकि दूसरी सूची में लगभग 21 लाख नाम जोड़े गए।
पश्चिम बंगाल की 294 सीटों वाली विधानसभा के लिए मतदान 23 और 29 अप्रैल को होगा, जबकि मतगणना 4 मई को निर्धारित है। इस बीच, बूथवार मतदाता सूचियां चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर भी उपलब्ध करा दी गई हैं।