अपनी चुनावी भाषण के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रानीगंज के भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र के लोगों के पुनर्वास का वादा किया। रानीगंज विधानसभा के खंदरार क्षेत्र में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने खनन क्षेत्रों के लोगों के लिए बड़ी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने स्थानीय निवासियों से अनुरोध किया कि वे भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों से हटकर सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। उन्होंने कहा कि इसके लिए सरकार की ओर से नया घर और नकद सहायता भी प्रदान की जाएगी।
रानीगंज के चुनावी मंच से संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों से विशेष अनुरोध करते हुए कहा कि मैं माताओं, भाई, बहनों से अनुरोध करती हूं कि याद रखें मनुष्य का जीवन सबसे मूल्यवान है। रानीगंज भूस्खलन प्रवण क्षेत्र है। किसी भी दिन बड़ी दुर्घटना हो सकती है। कृपया आप उस क्षेत्र से सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।
मुख्यमंत्री की बड़ी घोषणा
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रानीगंज के भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों के पुनर्वास को लेकर बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस बारे में पहले ही सरकारी स्तर पर तैयारियां शुरू हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक लगभग 700 करोड़ रुपये की लागत से 6,000 फ्लैट बनाए गए हैं और 4,000 फ्लैट बनाए जा रहे हैं। सरकार आपको फ्लैट देगी - एक नहीं बल्कि दो। अगर आप शिफ्ट होते हैं तो शिफ्टिंग का खर्च भी सरकार उठाएगी, जिसमें प्रति परिवार लगभग 10 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है।
अगर खर्च थोड़ा बढ़ा तो बढ़ेगा। याद रखें जीवन की तुलना रुपयों से नहीं की जा सकती। नए सिरे से सोचे क्योंकि कभी भूस्खलन हुआ तो हजारों लोग मलबे में दब सकते हैं। हम ऐसा नहीं चाहते। हम चाहते हैं कि जीवन और संपत्ति सुरक्षित रहे। मैं आपलोगों पर कोई दबाव नहीं डाल रही बस अनुरोध कर रही हूं।
भाजपा ने कहा आचार संहिता का उल्लंघन
मुख्यमंत्री की इस घोषणा को लेकर भाजपा ने अपना कड़ा विरोध जताया है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष शमीक भट्टाचार्य ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आदर्श आचार संहिता की परवाह नहीं करती हैं। लोग इसे अच्छी नजरों से स्वीकार नहीं कर रहे हैं।
रानीगंज में सरकार की पुनर्वास परियोजना
रानीगंज का एक हिस्सा खनन क्षेत्र में आता है। यहां कोयला खानों में लगातार भूस्खलन की घटनाएं होती रहती हैं और कभी-कभी रानीगंज–आसनसोल मार्गों पर भी बड़ा भूस्खलन होता है। इस क्षेत्र में होने वाले भूधंसान को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पहले भी चिंता जतायी थी। खनन क्षेत्र के भूस्खलन प्रभावित इलाकों के निवासियों के पुनर्वास के लिए राज्य सरकार ने बहुमंजिला आवासीय फ्लैट तैयार किए हैं। ये फ्लैट अंडाल विमाननगर के अंदर बनाए गए हैं। हालांकि अब तक भूस्खलन प्रभावित किसी भी परिवार इन फ्लैटों में शिफ्ट नहीं हुए हैं।