कोलकाताः कोलकाता में एक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि जब यह प्रक्रिया पूरे देश में लागू हो रही है तो केवल बंगाल में ही इसे लेकर इतनी कानूनी जटिलताएं क्यों सामने आईं।
शाह ने सीधे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का नाम लेते हुए कहा कि अन्य राज्यों-जैसे तमिलनाडु और केरल में SIR बिना किसी विवाद या कोर्ट के हस्तक्षेप के चल रहा है, जबकि बंगाल में मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया। उन्होंने सवाल किया कि आखिर ऐसी क्या स्थिति बनी कि न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति तक की नौबत आ गई।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य प्रशासन अपने कर्तव्यों को ठीक से निभाने में विफल है, जिसकी वजह से न्यायपालिका को हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की उद्योग और विकास पर ध्यान देने के बजाय अन्य मुद्दों में अधिक रुचि रही, जिसके कारण राज्य से कई उद्योग बाहर चले गए।
चुनाव के दौरान IAS और IPS अधिकारियों के बड़े पैमाने पर तबादलों को एक सामान्य प्रक्रिया बताते हुए शाह ने कहा कि चुनाव के समय ऐसे बदलाव हर राज्य में होते हैं, खासकर जहां अधिकारियों की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं।
शाह ने यह भी कहा कि केवल सहानुभूति पाने के लिए “विक्टिम कार्ड” खेलना सही राजनीति नहीं है, बल्कि सरकार को अपने काम का जवाब जनता के सामने देना चाहिए।
उन्होंने पिछले 15 वर्षों के शासन को लेकर तृणमूल सरकार के खिलाफ एक तरह का “चार्जशीट” पेश किया और दावा किया कि यह केवल किसी पार्टी का नहीं, बल्कि राज्य की जनता का सरकार के खिलाफ आरोपपत्र है।