कोलकाता : सांस्कृतिक पुनर्निर्माण मिशन की ओर से भारतीय भाषा परिषद में प्रसिद्ध चित्रकार सुलोचना सारस्वत की स्मृति में एक भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उनके मित्र, सहयोगी और कला प्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
इस अवसर पर विश्व भारती की पूर्व प्रोफेसर और उनकी करीबी प्रो. मंजू रानी सिंह ने कहा कि सुलोचना सारस्वत एक संघर्षशील कलाकार थीं। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने कला सफर को जारी रखा।
डॉ. शंभुनाथ ने कहा कि सुलोचना को कला और संस्कृति से गहरा प्रेम था। वह अपने कार्यों के माध्यम से समाज से जुड़ी रहती थीं। मृत्युंजय श्रीवास्तव ने उनके साथ तीन दशकों की मित्रता को याद किया। उन्होंने कहा कि सुलोचना अपने सिद्धांतों पर चलने वाली और स्वतंत्र विचारों की कलाकार थीं।
सभा में सेराज खान बातिश, अनीता राय, जितेंद्र जितांशु, मीनाक्षी संगोनारिया, रितेश पांडेय, राधिका सारस्वत, ऋषु सारस्वत और प्रांशी सारस्वत ने भी अपने संस्मरण साझा किए। सभी ने उनके व्यक्तित्व और कला के प्रति समर्पण को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।
इस मौके पर प्रो. हितेंद्र पटेल, शिप्रा मिश्रा, डॉ. संजय राय, अल्पना नायक, मंटू दास, श्रद्धांजलि सिंह, राकेश सिंह, अंजलि साव, संजना जायसवाल, अनिल साह, आशुतोष राउत, सत्यम पांडेय, अनूप प्रसाद, शिखा सिंह, डॉ. रमाशंकर सिंह, प्रमोद महतो, भवानी शंकर सारस्वत, संजय दास, चंदना मंडल, सूर्य देव रॉय, कंचन भगत, अनुश्री साव और शुभोस्वप्ना मुखर्जी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन मिशन के महासचिव डॉ. संजय जायसवाल ने किया। उन्होंने बताया कि सुलोचना सारस्वत हर वर्ष हिंदी मेला में भाग लेती थीं। वह चित्रांकन और कविता पोस्टर के प्रतिभागियों का मार्गदर्शन करती थीं।
कार्यक्रम में सुलोचना सारस्वत के कला जीवन, उनके योगदान और व्यक्तित्व को याद किया गया। सभी ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।