पटनाः ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस (GKC) द्वारा बिहार की राजधानी पटना के नवनिर्मित बापू टावर में आयोजित 'महादेवी वर्मा स्मृति सम्मान समारोह-2026' में साहित्य, कला और समाज सेवा की त्रिवेणी देखने को मिली। इस गरिमामयी समारोह में कोलकाता की प्रख्यात विदुषी डॉ. उर्वशी श्रीवास्तव को साहित्य के क्षेत्र में उनके विशिष्ट और अविस्मरणीय योगदान के लिए प्रतिष्ठित 'महादेवी वर्मा शिखर सम्मान' से नवाजा गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा, "महादेवी वर्मा का जीवन संघर्ष और उनकी लेखनी आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणापुंज है। डॉ. उर्वशी श्रीवास्तव जैसी विभूतियों को सम्मानित करना वास्तव में उस महान साहित्यिक विरासत को आगे बढ़ाना है।"
बिहार के उप-मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कायस्थ समाज की बौद्धिक क्षमता की प्रशंसा करते हुए कहा कि अपनी प्रतिभा और मेरिट के बल पर इस समाज ने विश्व पटल पर अपनी अमिट छाप छोड़ी है। कार्यक्रम में सांसद रविशंकर प्रसाद, कृषि मंत्री रामकृपाल यादव और अन्य वरिष्ठ मंत्रियों ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।
समारोह में देश-विदेश (अमेरिका और नेपाल) की कुल 26 प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे श्याम जी सहाय (रिटायर्ड IAS), प्रशासनः विजय प्रकाश (रिटायर्ड IAS), राष्ट्रीय सुरक्षा: मेजर जनरल अनुज माथुर, कानून: गिरीश चंद्र लाल (नेपाल), साहित्य: डॉ. उर्वशी श्रीवास्तव (कोलकाता) समेत अन्य सम्मानित: कुमकुम गौड़, श्वेतांक शैलकवाल, डॉ. सरिता श्रीवास्तव, डॉ. सुनील कुमार चंपारणी, उदय श्रीवास्तव, अरविंद कुमार, गौतम आजाद, रंजीत कर्ण एवं अन्य।
जीकेसी के ग्लोबल अध्यक्ष सह जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने सफल आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सभी अतिथियों का आभार जताया। कार्यक्रम के सफल संचालन में रागिनी रंजन, दीपक कुमार अभिषेक, निलेश रंजन, नवीन कुमार और डॉ. नम्रता आनंद की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. उर्वशी श्रीवास्तव को बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। उन्होंने इस सम्मान को साहित्य के प्रति अपनी जिम्मेदारी को और अधिक बढ़ाने वाला बताया।