वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में मुर्शिदाबाद जिले की 22 सीटों में से 2 सीटों, मुर्शिदाबाद और बहरमपुर, में तृणमूल कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा था। विरोधी पार्टियों का दावा है कि इस साल के चुनाव में तृणमूल के रास्ते का नया जोड़ा हुमायूं कबीर की नयी पार्टी और मिम है। ये दोनों पार्टियां कई सीटों पर संयुक्त रूप से चुनाव लड़ने वाले हैं।
चुनावी मैदान में दोनों नई पार्टियों पर कटाक्ष करते हुए सोमवार (6 अप्रैल) को तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) ने मुर्शिदाबाद जिले में 22-0 से जीत दिलाने का आह्वान किया।
जलंगी के सादिखाड़दियाड़ विद्यानिकेतन मैदान में डोमकल और जलंगी विधानसभा के तृणमूल प्रत्याशी हुमायूं कबीर और बाबर अली के समर्थन में अभिषेक बनर्जी ने सभा की। वहां तृणमूल के दोनों नए विरोधियों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि मुर्शिदाबाद जिले में भाजपा की तीन एजेंसियां काम कर रही है।
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एक चुनाव आयोग है जिसका नेतृत्व ज्ञानेश कुमार कर रहे हैं। वह लोगों का नाम मतदाता सूची से हटाने के मामले में शामिल हैं। दूसरी एजेंसी है कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी और तीसरी एजेंसी हुमायूं कबीर और असउद्दीन ओवैसी मीम और डीम (अंडा)। अभिषेक बनर्जी ने कहा कि अगर उनका नाम लिया जाता है तो सभा का माहौल खराब हो जाता है।
SIR में आम लोगों की परेशानी को लेकर भी उन्होंने विरोध जताया। सांसद ने कहा कि अविभक्त बंगाल की राजधानी मुर्शिदाबाद थी। उसी मुर्शिदाबाद में लोग आज लाइन में लगकर अपनी नागरिकता का सबूत दे रहे हैं। यह चुनाव तृणमूल को जीताने का चुनाव नहीं है बल्कि भाजपा की बी-टीम बनकर जमीन को बांटने की कोशिश कर रहे हैं, लोगों को परेशान करने का प्रयास किया जा रहा है, उनको भगाने का चुनाव है।
गौरतलब है कि पश्चिम मिदनापुर के डेबरा सीट पर विधायक हुमायूं कबीर को इस बार मुर्शिदाबाद के डोमकल सीट से तृणमूल कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार बनाया है। वहीं दूसरी ओर जलंगी सीट से उम्मीदवार के तौर पर शिक्षक बाबर अली को चुनावी मैदान में उतारा गया है। इन दोनों केंद्रों पर साल 2021 के चुनाव में बड़े अंतर से तृणमूल के प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की थी।