कोलकाताः पश्चिम बंगाल की सियासत में बीजेपी के नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह कोई बयान नहीं बल्कि उनकी बल्कि उनकी बढ़ती तिजोरी है। साल 2026 के विधानसभा चुनाव के लिए खड़गपुर सदर सीट से नामांकन भरते हुए उन्होंने जो हिसाब दिया है, वह चौंकाने वाला है। पिछले 6 साल के आंकड़ों को देखें तो दिलीप घोष की संपत्ति में जबरदस्त उछाल आया है। साल 2019 के लोकसभा चुनाव में उनके पास करीब 45 लाख रुपये की संपत्ति थी, जो अब 2026 आते-आते 2 करोड़ रुपये के पार पहुंच गई है। यानी महज 6 साल में वह लखपति से करोड़पति बन चुके हैं।
उनके द्वारा जमा किए गए शपथ पत्र से यह साफ हुआ है कि पिछले एक दशक में उनकी संपत्ति में जबरदस्त इजाफा हुआ है। साल 2016 में करीब 30 लाख रुपये की संपत्ति के मालिक दिलीप घोष आज दो करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति के स्वामी हैं।
61 वर्षीय दिलीप घोष ने अपने हलफनामे में जानकारी दी है कि उनके पास वर्तमान में 3.5 लाख रुपये नकद हैं, जबकि उनकी पत्नी रिंकू मजूमदार के पास 50 लाख रुपये है। दिलीप की कुल चल संपत्ति 28.75 लाख रुपये है, जबकि उनकी अचल संपत्ति (जमीन और मकान) की कीमत 1.85 करोड़ रुपये आंकी गई है।
कानूनी चुनौतियां और राजनीतिक सफर
राजनीति के बीच दिलीप घोष के खिलाफ बंगाल के विभिन्न थानों में कुल 28 एफआईआर दर्ज हैं। इनमें हत्या के प्रयास, दंगा भड़काने की साजिश और धमकी देने जैसे गंभीर शामिल हैं।
1980 में माध्यमिक पास करने वाले दिलीप घोष को 2024 के लोकसभा चुनाव में बर्दवान-दुर्गापुर में हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद अब पार्टी ने उन्हें फिर से विधानसभा चुनाव के दंगल में उतारा है, जहां उनके साथ शुभेंदु अधिकारी जैसे दिग्गज नेता प्रचार की कमान संभाले हुए हैं।