कोलकाता: सात बार के ओलंपियन और भारतीय टेनिस के दिग्गज लिएंडर पेस ने शनिवार को कहा कि उन्हें 2036 ओलंपिक खेलों में भारत की मेजबानी से जुड़ी जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। पेस ने इसे अपने सार्वजनिक जीवन में नए अध्याय की शुरुआत बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें युवा और खेल विकास के कार्य सौंपे हैं और साथ ही देश को 2036 ओलंपिक तक पहुंचाने की जिम्मेदारी दी है। पेस ने यह भी कहा कि गुजरात में कॉमनवेल्थ गेम्स के आयोजन में भी वे योगदान देंगे।
खेल और देश की ग्लोबल छवि
लिएंडर पेस ने कहा, "ओलंपिक का आयोजन भारत के खेल पारिस्थितिकी तंत्र को बदल सकता है और वैश्विक स्तर पर देश की प्रतिष्ठा मजबूत कर सकता है।" उन्होंने 2024 सैमर्स ओलंपिक में पदक जीतने वाले देशों - अमेरिका, चीन, जापान, ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन का उदाहरण देते हुए कहा कि शीर्ष प्रदर्शन वाले देश आर्थिक दृष्टि से भी मजबूत हैं। पेस के अनुसार, भारत को भी मजबूत खेल संस्कृति और आधारभूत संरचना में निवेश करके समान सफलता हासिल करनी चाहिए।
युवा और आधारभूत विकास पर जोर
टेनिस लीजेंड ने कहा कि अगले दो दशकों में उनका लक्ष्य 250 मिलियन बच्चों के जीवन पर खेल और शिक्षा के माध्यम से सकारात्मक प्रभाव डालना है। उन्होंने बताया कि युवा प्रतिभा का विकास भारत की ओलंपिक महत्वाकांक्षा और वैश्विक उभरती शक्ति बनने में निर्णायक भूमिका निभाएगा। पेस ने पश्चिम बंगाल में खेल सुविधाओं की कमी पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि राज्य में अभी तक इंडोर टेनिस स्टेडियम नहीं है और अंतरराष्ट्रीय इवेंट्स जैसे डेविस कप के लिए अस्थायी लकड़ी के कोर्ट पर निर्भर रहना पड़ता है।
खेल से राजनीति की नई शुरुआत
लिएंडर पेस ने अपनी खेल कैरियर की ऊर्जा और जुनून के साथ अब सार्वजनिक जीवन में कदम रखा है। उन्होंने इसे "नई खेल रणनीति" बताया और कहा कि वह वही समर्पण और प्रतिबद्धता दिखाएंगे जो उनके टेनिस करियर की पहचान रही। भारत में ओलंपिक मेजबानी की योजना अभी प्रारंभिक चरण में है। पेस इसे देश के खेल और युवा विकास की लंबी रणनीति का हिस्सा मानते हैं।