पश्चिम बर्धमान जिले के आसनसोल महकमा के विस्तृत इलाके में पत्थर के खदानों में काम करने वाले मजदूर सिलिकोसिस बीमारी से पीड़ित रहते हैं। शनिवार को पार्टी के प्रत्याशी के समर्थन में सभा के दौरान अभिषेक बनर्जी ने इलाके में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने का आश्वासन दिया।
बाराबनी में तृणमूल प्रत्याशी विधान उपाध्याय के समर्थन में प्रचार अभियान के दौरान तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) ने क्षेत्रीय समस्याओं के बारे में बात की। खदान के श्रमिकों की समस्याओं के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि सिलिकोसिस से पीड़ितों को एक खास परिचय पत्र दिया जाएगा।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इससे पीड़ित लोगों को सटीक इलाज मिल सके, इसकी व्यवस्था भी की जा रही है। जरूरत होने पर पीड़ितों को निःशुल्क अस्पताल आवाजाही की व्यवस्था कर दी जाएगी।
गौरतलब है कि अगर लंबे समय तक सांस के माध्यम से फेंफड़ों में धूल प्रवेश करता है तो व्यक्ति सिलिकोसिस से पीड़ित हो जाता है। यह एक गंभीर बीमारी है जो कभी भी ठीक नहीं हो पाती है। आमतौर पर बालु, पत्थर, खदान, निर्माण और युद्ध कला के कर्मचारी ही इस बीमारी से अधिक पीड़ित होते हैं।
बाराबनी समेत आसनसोल महकमा के एक बड़े हिस्से में पेयजल की समस्या भी है। इस बात का उल्लेख करते हुए अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन का आवंटन बंद कर दिया है। वर्ष 2026 में सरकार के गठन के बाद केंद्रीय अनुदान के बिना ही प्रत्येक घर में नल से पानी पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी।
गौरतलब है कि राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद से ही बाराबनी तृणमूल कांग्रेस का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। इस सीट पर 2011 से लगातार तीन बार विधायक विधान उपाध्याय जीतते आ रहे हैं और इस बार भी पार्टी ने उन्हें ही प्रत्याशी बनाया है। वहीं दूसरी ओर भाजपा ने इस सीट से अरिजीत राय को उम्मीदवार बनाया है। इसके अलावा आईएसएफ ने भी इस सीट से विश्वजीत बाउरी को बतौर उम्मीदवार उतारा है।