कौन किसे वोट दे रहा है, इस बात पर पूरी निगरानी रखी जाएगी। घर-घर जाकर विरोधी पार्टी के प्रत्याशियों को वोट न देने के लिए मतदाताओं को धमकाने का आरोप तृणमूल नेता के खिलाफ लगाया गया है। विधानसभा चुनाव के प्रचार में मतदाताओं को इस प्रकार डराने-धमकाने का जैसे ही आरोप सामने आया चुनाव आयोग ने इस बाबत कदम उठाया है।
सोशल मीडिया पर मतदाताओं को धमकी देने के वायरल वीडियो के आधार पर चुनाव आयोग ने आरोपी तृणमूल नेता को गिरफ्तार करने का आदेश दिया। बहरमपुर के तृणमूल वार्ड अध्यक्ष राजू मंडल को गिरफ्तार भी कर लिया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार अभियुक्त राजू मंडल बहरमपुर नगर पालिका के वार्ड नंबर 8 का तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष है। बताया जाता है कि शुक्रवार की देर रात को बहरमपुर थाना के पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया है। पिछले कुछ दिनों से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा था जिसमें राजू मंडल मतदाताओं को धमकाते नजर आ रहे थे (हालांकि वीडियो के सत्यता की जांच समाचार एई समय ने नहीं की है)। वीडियो में वह मतदाताओं को कहते दिख रहे हैं कि कौन, किसे वोट दे रहा है उसपर नजर रखी जाएगी। कॉपी में सब कुछ लिखा रहेगा। लाइव वोटिंग चलेगी।
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सिर्फ इतना ही नहीं तृणमूल नेता ने सीधे तौर पर कहा कि कमल के फूल चुनाव चिन्ह पर वोट नहीं दिया जा सकता है। अगर वोट को लेकर कोई समस्या होती है, वोट देने जाते समय परिस्थिति खराब होती है तो वोट देने जाने की जरूरत नहीं है। मैं घर पर रसगुल्ला और मिठाई भिजवा दूंगा। और अगर कोई वोट देना ही चाहता है तो तृणमूल को देना होगा।
वीडियो के सामने आते ही राजनैतिक गलियारों में हड़कंप मच गया। चुनाव आयोग ने तत्परता के साथ कदम उठाया। तृणमूल नेता के खिलाफ मतदाताओं को डराने-धमकाने और अपनी पार्टी को वोट देने के लिए बाध्य करने का आरोप साने आते ही चुनाव आयोग ने कड़े कदम उठाएं। आयोग ने स्पष्ट कर दिया कि किसी भी परिस्थिति में मतदाताओं को डराने-धमकाने या प्रताड़ित करने की घटना को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पुलिस सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार वायरल वीडियो के सत्यता की जांच कर आयोग ने तुरंत कदम उठाने के आदेश दिए। इसके बाद ही बहरमपुर थाना की पुलिस सक्रिय हो गयी और शुक्रवार की रात को राजू मंडल को गिरफ्तार कर लिया गया। इस घटना के सामने आने के बाद विरोधी पार्टियों ने सत्ताधारी पार्टी पर तीखा वार किया है।
विरोधियों का आरोप है कि चुनावी माहौल को बिगाड़ने के लिए ही इस तरह की धमकी का सहारा लिया जा रहा है। वहीं स्थानीय तृणमूल नेताओं का का दावा है कि जानबुझकर इस घटना को अंजाम दिया गया है। आवश्यक कानूनी सहायता ली जाएगी।