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नकली शराब से बिहार में पांचवीं मौत, विपक्ष ने NDA सरकार को घेरा

बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में नकली शराब पीने से हुई मौतों ने शराब निषेध कानून की खामियों को उजागर किया।

By श्वेता सिंह

Apr 04, 2026 01:34 IST

मोतीहारीः बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में नकली शराब पीने से शुक्रवार को चार और लोगों की मौत हो गई, जिससे कुल मृतक संख्या बढ़कर पांच हो गई। पहला निधन गुरुवार को दर्ज किया गया था। पुलिस ने इस मामले में अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार किया है। मृतकों के परिवारों की शिकायत पर हत्या का मामला दर्ज किया गया है। पांच लोग अभी भी अस्पताल में इलाजरत हैं, जबकि सात को छुट्टी दे दी गई है।

पूर्वी चंपारण के जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल ने बताया, "मृतकों के शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिए गए हैं। मौत की सटीक वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगी।" उन्होंने यह भी कहा कि तुर्कौलिया थाने के SHO को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने बताया कि घटना की गहन जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिला है कि पहला पीड़ित रघुनाथपुर क्षेत्र में अवैध शराब पीने के बाद गंभीर स्थिति में पहुंचा।

उन्होंने कहा कि शराब सप्लायर की पहचान कर ली गई है और उसे जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। जिले की पुलिस और एंटी-लिकर टास्क फोर्स (ALTF) की टीम पारसौनी, मुशहरी टोला और तुर्कौलिया में तलाशी अभियान चला रही है।

शराब निषेध कानून और राजनीतिक विवाद

राजनीतिक हलकों में यह घटना बड़े विवाद का विषय बन गई है। बिहार में शराब की बिक्री और सेवन 2016 से प्रतिबंधित है, लेकिन अब तक इस कानून को प्रभावी ढंग से लागू करने में कई खामियां सामने आ रही हैं।

RJD के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने कहा, "यह घटना शराब निषेध कानून की गंभीर खामियों और NDA सरकार की असफलता को उजागर करती है। अप्रैल 2016 से अब तक बिहार में 1,300 से अधिक लोग नकली शराब पीने से मारे जा चुके हैं। कई लोगों ने अपनी दृष्टि भी खो दी।"

तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि शराब निषेध कानून कुछ नेताओं, भ्रष्ट अधिकारियों और शराब माफिया के लिए मुनाफे का जरिया बन गया है।

केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने भी कहा कि राज्य प्रशासन शराब निषेध कानून को प्रभावी ढंग से लागू करने में असफल रहा है।

जन सूराज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने तुर्कौलिया गांव का दौरा कर मृतकों के परिवार से मुलाकात की और अस्पताल में भर्ती लोगों से बातचीत की। उन्होंने कहा, "राज्य सरकार जिम्मेदार है। NDA सरकार शराब निषेध कानून को प्रभावी ढंग से लागू करने में पूरी तरह असफल रही है। 2023 में भी मोतीहारी में 44 लोगों की मौत नकली शराब पीने से हुई थी।" पुलिस और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अवैध शराब से दूर रहें और किसी भी संदिग्ध उत्पाद के सेवन से बचें। शराब निषेध कानून का पालन न केवल व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए जरूरी है, बल्कि परिवार और समाज की भलाई के लिए भी अनिवार्य है।

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