पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर प्रसिद्ध भारतीय पेंटर राजा रवि वर्मा की पेंटिंग 'कृष्ण और यशोदा' काफी वायरल हो रही है। ₹167 करोड़ से अधिक की रिकॉर्ड कीमत पर इस पेंटिंग को साइरस पूनावाला (Cyrus Poonawalla) ने खरीदी है। इस पेंटिंग को अब तक सोशल मीडिया पर कई जगहों पर आपने जरूर देखा होगा लेकिन क्या सामने से इस पेंटिंग को देख सकेंगे?
यह पेंटिंग भारतीय कला जगत के लिए एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड बन गया है। इस पेंटिंग को ₹167.2 करोड़ में खरीदा गया है। 7 मिनट तक चली नीलामी में रिकॉर्ड कीमत पर यह पेंटिंग बिकी है। इस पेंटिंग ने एम. एफ. हुसैन की पेंटिंग 'ग्राम यात्रा' की नीलामी के रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया। वह पेंटिंग ₹118 करोड़ में बिकी थी।
राजा रवि वर्मा की इस पेंटिंग को सीरम इंस्टीट्यूट के संस्थापक साइरस पूनावाला ने खरीदी है। उनकी इस खरीद को भारतीय कला बाजार के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। 'कृष्ण और यशोदा' 1890 में बनायी गयी एक पेंटिंग है। इसे भारतीय कला की 'मोनालिसा' मानी जा रही है।
साइरस पूनावाला ने क्या कहा?
'कृष्ण और यशोदा' पेंटिंग की नीलामी के बाद मीडिया से बात करते हुए साइरस पूनावाला ने कहा कि मुझे बहुत खुशी है और मैं खुद को भाग्यशाली मानता हूं कि मैं किरण नादर को पछाड़कर इस बोली को जीत सका। बता दें, उम्मीद की जा रही है कि इस पेंटिंग के 80 से 120 करोड़ में बिकने की उम्मीद थी लेकिन लगभग दोगुनी कीमत में यह पेंटिंग बिकी है। Indian Express से हुई बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि मेरे एक मित्र दारा मेहता ने ही मुझे इस पेंटिंग को खरीदने की सलाह दी थी।
पर क्या इस पेंटिंग को आप देख सकेंगे?
पेंटिंग 'कृष्ण और यशोदा' को कहां देखा जा सकेगा? पूनावाला ने बताया कि यह पेंटिंग मेरे मुंबई या फिर पुणे वाले घर पर रहेगा। हालांकि मीडिया को दिए अपने पहले के बयान में साइरस पूनावाला ने कहा था कि यह राष्ट्रीय संपत्ति है जिसे सार्वजनिक रूप से लोगों को समय-समय पर दिखने के लिए उपलब्ध करवाना चाहिए। मैं कोशिश करूंगा कि इसे संभव बनाया जा सकें।
संभावना जतायी जा रही है कि यह पेंटिंग भविष्य में आम लोगों के देखने के लिए किसी म्यूजियम में प्रदर्शित किया जा सकता है।