नई दिल्ली : भारत में विश्व का सबसे बड़ा जनगणना अभियान “जनगणना 2027” शुरू हो गया है। भारत सरकार ने 1 अप्रैल 2026 से इसके पहले चरण, मकानसूचीकरण और मकानों की गणना (एचएलओ) की शुरुआत कर दी है। यह भारत की पहली ऐसी जनगणना है जो पूरी तरह डिजिटल डेटा संग्रह और स्व-गणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) की सुविधा से लैस है। अब नागरिक खुद ऑनलाइन अपने घर और परिवार का विवरण दर्ज कर सकते हैं।
इस राष्ट्रीय अभियान की शुरुआत द्रौपदी मुर्मू ने स्वयं स्व-गणना कर की। पहले दिन यह सुविधा देश के 8 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों- गोवा, कर्नाटक, ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम, लक्षद्वीप, अंडमान-निकोबार और दिल्ली के कुछ क्षेत्रों में शुरू की गई। शुरुआत के दिन ही लगभग 55,000 परिवारों ने इसमें भाग लेकर उत्साह दिखाया।
स्व-गणना एक सुरक्षित वेब-आधारित सुविधा है, जो 16 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध है। लोग se.census.gov.in पोर्टल पर अपने मोबाइल नंबर से लॉगिन कर जानकारी भर सकते हैं। फॉर्म पूरा होने पर एक यूनिक एसई आईडी (Self-Enumeration ID) मिलती है, जिसे बाद में घर आने वाले प्रगणक को दिखाना होगा।
इस चरण में घर की स्थिति, सुविधाओं और संपत्तियों से जुड़ी कुल 33 सवालों के जवाब लिए जाएंगे। यह प्रक्रिया 1 अप्रैल से 30 सितंबर 2026 तक चलेगी जिसे हर राज्य अपने निर्धारित 30 दिनों में पूरा करेगा।
जनगणना अधिनियम 1948 के तहत एकत्र सभी आंकड़े पूरी तरह गोपनीय रहेंगे। इसके लिए मजबूत एन्क्रिप्शन और बह-स्तरीय सुरक्षा प्रणाली अपनाई गई है। जनगणना देश की विकास योजनाओं के लिए एक महत्वपूर्ण आधार मानी जाती है।