इस वक्त जब पश्चिम एशियाई युद्ध अपने चरम पर है। हर दिन आघात और प्रत्याघात की मात्रा तेज होती जा रही है। ऐसी स्थिति में अमेरिका ने अपने सेनापति यानी चीफ ऑफ स्टाफ जनरल को बर्खास्त कर दिया है। शुक्रवार को अमेरिकी सेना के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल रैंडी जॉर्ज को इस्तीफा देने का निर्देश रक्षा सचिव पिटर हेगसेथ ने दिया है।
युद्ध की स्थिति में इस घटना की वजह से हड़कंप मच गया है। क्या इस युद्ध की वजह से अमेरिका के अलग-थलग पड़ जान के कारण ही यह फैसला लिया गया?
व्हाईट हाउस की ओर से बयान जारी कर कहा गया है कि जनरल रैंडी जॉर्ज को रिटायरमेंट लेने का निर्देश दिया गया है। उनसे अविलंब इस्तीफे की मांग की गयी है। हालांकि इस फैसले के पीछे क्या कारण है, इस बाबत कुछ स्पष्ट नहीं किया गया है। पेंटागन इस घटना को सिर्फ सामान्य सा 'रिटायरमेंट' नहीं मान रहा है।
बता दें, चीफ ऑफ स्टाफ की मियाद 4 सालों की होती है। जॉर्ज की मियाद अभी 1 साल से अधिक बाकी है। इसलिए जानकारों का मानना है कि उन्हें बर्खास्त किया गया है। पेंटागन की ओर से बताया गया है चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ रैंडी जॉर्ज 'अविलंब रिटायरमेंट' ले रहे हैं। पिछले कई दशकों से किए गए उनकी देशसेवा की वजह से उन्हें कृतज्ञता जतायी गयी है। साथ ही कहा गया है कि हम उनके रिटायर्ड जीवन के लिए शुभकामनाएं दे रहे हैं।
पेंटागन सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की राष्ट्रीय सुरक्षा नीति को साकार करन के लिए रक्षा विभाग को रक्षा सचिव हेगसेथ नए सिरे सजा रहे हैं। अब तक वरिष्ठ जनरल और एडमिरल को पद से हटा दिया गया है। दावा किया जा रहा है कि इसी क्रम में अब रैंडी जॉर्ज को भी हटाया गया है। लेकिन युद्ध जैसे हालातों के बीच उन्हें हटाने की घटना ने लोगों को चौंका दिया है।
रैंडी जॉर्ज ने यूनाइटेड स्टेट मिलिट्री अकादमी से स्नातक किया था। कई बड़ी लड़ाईयों में वह हिस्सा ले चुके हैं जिसमें ईराक और अफगानिस्तान भी शामिल है। अमेरिकी सेना के वाइस चीफ की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। जो बाईडन के समय में रक्षा सचिव लॉएड एस्टिन के युद्ध सलाहकार की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। वर्ष 2023 में उन्हें चीफ ऑफ स्टाफ की जिम्मेदारी सौंपी गयी थी। ईरान के साथ चल रहे युद्ध का नेतृत्व भी रैंडी जॉर्ज ही कर रहे थे।