मालदह के मोथाबाड़ी में न्यायिक अधिकारियों को रोक कर रखने और विरोध-प्रदर्शन करने की घटना में मुफक्केरुल इस्लाम को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दावा किया जा रहा है कि इस मामले में वह मुख्य अभियुक्त है। कोलकाता हाईकोर्ट के इस वकील को बागडोगरा एयरपोर्ट से शुक्रवार की सुबह गिरफ्तार किया गया।
मोथाबाड़ी की घटना को लेकर सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत ने अपनी गहरी नाराजगी भी जाहिर की है। चुनाव आयोग ने मामले की जांच की जिम्मेदारी NIA को सौंप दी है।
गौरलतब है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ही न्यायिक अधिकारियों को नियुक्त किया गया था। विचाराधीन मामलों के निपटारे के लिए मतदाताओं के दस्तावेजों की जांच करने की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गयी थी। इस काम को करने के लिए मालदह के मोथाबाड़ी में पहुंचे न्यायिक अधिकारियों को बुधवार को विरोध-प्रदर्शन का सामना करना पड़ा।
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बुधवार की शाम को 4 बजे मोथाबाड़ी विधानसभा केंद्र के कालियाचल 2 बीडीओ ऑफिस में कुल 7 न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाकर विरोध-प्रदर्शन करने का आरोप लगाया गया है। इस घटना को लेकर ही राज्य से लेकर दिल्ली तक की राजनीति गर्मा गयी है।
न्यायाधीशों का घेराव कर जनता को उकसाने के आरोप में मुफक्केरुल इस्लाम को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि उकसाने के साथ-साथ उन्होंने प्रशासन को धमकी भी दी थी। आरोप लगाया गया है कि गाड़ी की छत पर खड़े होकर हैंड माइक लेकर वह लगातार जनता को उकसा रहे थे। इसके बाद ही सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर राष्ट्रीय चुनाव आयोग ने मुफक्केरुल इस्लाम के खिलाफ गुरुवार को गिरफ्तारी वारंट जारी किया। शुक्रवार को उन्हें बागडोगरा एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया गया।
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खास बात है कि वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में MIM के टिकट पर मुफक्केरुल इस्लाम ने चुनाव भी लड़ा था। वह उत्तर दिनाजपुर के ईटाहार से चुनावी मैदान में उतरे थे। मूल रूप से ईटाहार के हाटखोला के निवासी मुफक्केरुल इस्लाम ने लंबे समय तक रायगंज जिला अदालत में बतौर वकील प्रैक्टिस भी किया है। बाद में उन्होंने कलकत्ता हाई कोर्ट में प्रैक्टिस करना शुरू कर दिया था।
मोथाबाड़ी के बंधक कांड को लेकर सुप्रीम कोर्ट में काफी नाराजगी देखी जा रही है। इस घटना की वजह से राज्य के मुख्य सचिव, डीजी और जिलाधिकारी को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है। इस घटना की जांच की जिम्मेदारी राष्ट्रीय चुनाव आयोग ने NIA को सौंप दी है।