पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को निष्पक्ष और चुनावी हिंसा को रोकने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए चुनाव आयोग ने राज्य में 2.4 लाख केंद्रीय बल (CAPF) को तैनात करने का फैसला लिया है। मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार किसी भी एक राज्य में यह केंद्रीय बलों की सबसे ज्यादा तैनाती होने वाली है। अधिकारियों के हवाले से बताया जाता है कि चुनाव के बाद भी राज्य की कई जगहों पर हिंसात्मक घटनाएं सामने आती रही हैं।
इसलिए चुनाव के बाद भी सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए विशेष योजना बनायी जा चुकी है। मिली जानकारी के अनुसार संभवतः ऐसा पहली बार हो रहा है जब किसी एक राज्य में विधानसभा चुनाव में इतनी भारी संख्या में केंद्रीय बल की तैनाती की जा रही है।
NDTV की मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार 29 अप्रैल को राज्य में दूसरे चरण का चुनाव सम्पन्न होने के बाद करीब 200 कंपनी केंद्रीय बल के जवानों को इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM), स्ट्रॉन्ग रुम व मतगणना क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए तैनात कर दिया जाएगा। 500 कंपनी केंद्रीय बल राज्य में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को बनाए रखने की जिम्मेदारी तब तक संभालेंगे जब तक राज्य में नई सरकार का गठन न हो जाए।
Read Also | मालदह के मोथाबाड़ी कांड के प्रमुख अभियुक्त को पुलिस ने किया गिरफ्तार
मालदह की घटना के बाद सुरक्षा अधिक मजबूत
दावा किया जा रहा है कि मालदह के मोथाबाड़ी में न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाकर विरोध-प्रदर्शन करने की घटना के बाद से ही सुरक्षा व्यवस्था पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में पहले ही अपनी नाराजगी जाहिर की थी। राज्य के मुख्य सचिव समेत अन्य कई को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा चुका है। इसके साथ ही राष्ट्रीय चुनाव आयोग ने मामले की जांच की जिम्मेदारी NIA को भी सौंप दी है।
गौर करने वाली बात है कि विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद ही प्रशासनिक व पुलिस प्रशासन में कई बड़े बदलाव किए गए। राज्य के मुख्य सचिव, गृह सचिव, डीजी, कोलकाता पुलिस के कमिश्नर और अतिरिक्त डीजी (कानून-व्यवस्था) को बदल दिया गया है। इन सभी बदलावों को राज्य में निष्पक्ष और हिंसा मुक्त चुनाव की दिशा में उठाया गया कदम करार देते हुए ज्ञानेश कुमार ने कहा कि राज्य में शांति व्यवस्था को बनाए रखना ही मुख्य उद्देश्य है।
पूर्व के चुनावों से भी अधिक जवानों को किया गया तैनात
इससे पहले राज्य में हुए विभिन्न चुनावों के मुकाबले में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में इस बार अधिक केंद्रीय बलों की तैनाती की गयी है। 7 चरणों में संचालित हुए वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में लगभग 920 कंपनी केंद्रीय बल को तैनात किया गया था जिसमें करीब 92000 केंद्रीय बल के जवान शामिल थे।
2021 के विधानसभा चुनाव को 8 चरणों में करवाया गया था जिसके लिए 725 कंपनी केंद्रीय बल के जवानों को तैनात किया गया था।
बात अगर दूसरे राज्यों की करें तो 2024 में जम्मू-कश्मीर में हुए विधानसभा चुनाव में जहां 900 कंपनी केंद्रीय बल और 2024 के लोकसभा चुनाव में 635 कंपनी केंद्रीय बल को तैनात किया गया था। यानी पश्चिम बंगाल में इस बार तैनात हुए केंद्रीय बलों की कुल संख्या से जम्मू-कश्मीर जैसे संवेदनशील राज्य में कम जवानों की तैनाती हुई थी। 2024 के लोकसभा चुनाव में देशभर में सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी 3.4 लाख केंद्रीय बल के जवानों ने संभाल ली थी।