🔔 ताज़ा ख़बरें सबसे पहले!

Samachar EiSamay की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल, मनोरंजन और बिज़नेस अपडेट अब सीधे आपके पास।

मालदह कांड में ADG ने स्वीकारी सुरक्षा में चुक की बात, कहा - न्यायिक अधिकारियों को छुड़ाने में हुई थी देरी

एडीजी कालियप्पन जयरामण ने सुरक्षा में चूक की बात को स्वीकार किया और कहा कि जांच की जा रही है।

By Moumita Bhattacharya

Apr 03, 2026 14:32 IST

मालदह के मोथाबाड़ी में SIR का काम करने पहुंचे न्यायिक अधिकारियों के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था होने के बावजूद जो कुछ हुआ वह बेहद दुखद है। उत्तर बंगाल के एडीजी कालियप्पन जयरामण ने उक्त बातें कहते हुए यह भी स्वीकार किया कि उस दिन न्यायिक अधिकारियों को छुड़ाने में देरी हुई थी।

बुधवार की देर रात को कालियाचक (मोथाबाड़ी) में न्यायिक अधिकारियों को 7 घंटे से अधिक समय तक बंधक बनाकर रखने की घटना में सुप्रीम कोर्ट में राज्य सरकार को कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा है। मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राज्य की कानून-व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है।

वहीं शुक्रवार को मीडिया से बात करते हुए एडीजी ने सुरक्षा में चूक की बात को स्वीकार किया। इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि बंधक बनाए गए न्यायिक अधिकारियों को छुड़ाने में देर क्यों हुई, चूक कहां और किस वजह से हुई? इसकी जांच भी की जा रही है। कालियाचक की घटना के बाद से ही राज्य पुलिस व CID सक्रिय हो गयी है।

Read Also | मालदह के मोथाबाड़ी कांड के प्रमुख अभियुक्त को पुलिस ने किया गिरफ्तार

बता दें, बुधवार को SIR में विचाराधीन व्यक्तियों के दस्तावेजों की जांच और इन मामलों के निपटारे के लिए 7 न्यायिक अधिकारी BDO-2 कार्यालय पहुंचे थे। इसमें 3 महिलाएं भी शामिल थी। आरोप लगाया जा रहा है कि जिन लोगों का नाम मतदाता सूची से हटाया गया है ऐसे लोगों ने इसका विरोध-प्रदर्शन करते हुए सभी न्यायिक अधिकारियों को लंबे समय तक बंधक बना कर रखा।

बाद में केंद्रीय बल और राज्य पुलिस ने उन्हें मुक्त कराया। इस दौरान एक महिला न्यायिक अधिकारी का वीडियो भी तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है जिसमें उन्होंने जान के खतरे का डर जताया था। साथ ही न्यायिक अधिकारियों ने अपने ऊपर हमले के आरोप भी लगाया है।

आरोप है कि इस पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिस कहीं भी नजर नहीं आयी थी। मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए उत्तर बंगाल के एडीजी के. जयरामण ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि ऐसा बिल्कुल नहीं है। पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी, ऐसा कहना गलत होगा। हां, वे भीड़ से घिरे हुए थे, डरे हुए थे। शायद इसलिए ऐसा कह रहे हैं। उन्हें छुड़ाने में देर जरूर हुई थी। लेकिन क्यों देर हुई और किस वजह से हुई, इसकी जांच की जा रही है।

एडीजी ने बताया कि रात 12 बजे से पहले ही न्यायिक अधिकारियों को सुरक्षित निकाल लिया गया था। हालांकि उनकी बातों से यह स्पष्ट जरूर हो रहा है कि न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा में कहीं न कहीं चूक जरूर हुई है। उन्होंने बताया कि जांच के बाद घटना की विस्तृत रिपोर्ट दी जाएगी।

Read Also | कालियाचक की घटना भाजपा का 'ब्लू-प्रिंट' - ममता बनर्जी के आरोप पर अमित शाह का जवाब, 'घर में घुसकर हराएंगे'

दूसरी ओर शुक्रवार की सुबह बागडोगरा एयरपोर्ट से इस घटना के मुख्य आरोपी मुफाक्केरुल इस्लाम को CID ने गिरफ्तार कर लिया है। पेशे से वकील उक्त व्यक्ति पर इस घटना में भीड़ को उकसाने का आरोप लगाया गया है। इस गिरफ्तारी के उत्तर बंगाल के एडीजी के. जयरामन ने कहा कि मालदह में हुई विभिन्न हिंसक घटनाओं में यह व्यक्ति एक प्रमुख साजिशकर्ता है।

वह पेशे से वकील है और इटाहार में रहता है। उसने लोगों को भड़काया है, जिसका प्रमाण कई वीडियो में मिला है। उन्होंने बताया कि हम उसे ट्रैक कर रहे थे। CID ने सिलीगुड़ी पुलिस की मदद से उसे बागडोगरा एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया गया है। साथ ही उन्होंने बताया कि इस मामले में पहले से कोई साजिश रची गयी थी या नहीं, इसकी जांच की जाएगी।

पुलिस सूत्रों का दावा है कि मालदह कांड का मुख्य 'आरोपी' बेंगलुरु भागने की फिराक में था। मालदह कांड को लेकर अब तक 19 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इस मामले में 36 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। एडीजी ने बताया कि सभी न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा चुका है।

Articles you may like: