इलाके के सांसद भाजपा के, विधायक भी भाजपा के लेकिन 'डबल इंजन' प्रतिनिधि होने के बावजूद पुरुलिया के जयपुर विधानसभा क्षेत्र का विकास हुआ है? यह सवाल शुक्रवार को जयपुर में तृणमूल प्रत्याशी के समर्थन में सभा को संबोधित करते हुए अभिषेक बनर्जी ने उठाया।
अपनी सभा से उन्होंने दावा किया कि इलाके में भले ही भाजपा के जनप्रतिनिधि रहे हो लेकिन विकास का काम तृणमूल ने ही किया है। सिर्फ इतना ही नहीं अभिषेक बनर्जी ने कुर्मी समाज के निर्दलीय उम्मीदवार विश्वजीत महतो पर भी निशाना साधा है।
पिछले कई सालों से पुरुलिया का बड़ा इलाका माओवादी प्रभावित था। अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि ममता बनर्जी के शासनकाल में माओवादी का प्रभाव लगभग खत्म कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि किसी समय माओवादी के लिए पुरुलिया का जयपुर मुक्तांचल हुआ करता था। पुलिस स्टेशनों पर बड़े-बड़े ताला लटका दिए जाते थे। अब रात को 12 बजे भी लोग रास्तों पर बिना झिझक के घुमा करते हैं। यहीं ममता बनर्जी की सबसे बड़ी सफलता है।
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उन्होंने कहा कि कुड़माली भाषा को 8वें अनुसूचित जाति के तहत शामिल करने को लेकर पिछले लंबे समय से कुर्मी समाज के लोग आंदोलन कर रहे हैं। राज्य और केंद्र सरकार के पास पिछले लंबे समय से हम आवेदन कर रहे हैं। इस साल कुर्मी समाज के नेता अजीत महतो का बेटा विश्वजीत महतो जयपुर सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव में खड़ा है। इस केंद्र से तृणमूल प्रत्याशी की सीधी लड़ाई निर्दलीय प्रत्याशी से ही है।
कुर्मी प्रत्याशी पर निशाना साधते हुए अभिषेक बनर्जी ने कहा कि कुर्मी भाषा को सम्मान दिलाने के लिए केंद्र सरकार को राज्य सरकार ने पत्र लिखा है। अजीत महतो के साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की बैठक में क्यों कुड़माली भाषा को सम्मान प्रदान नहीं किया गया, यह सवाल नहीं उठाया गया। डील करके अपने बेटे को चुनावी उम्मीदवार बना दिया।
राज्य सरकार की विभिन्न परियोजनाओं के बारे में जानकारी साझा करते हुए उन्होंने कहा कि जयपुर में रामकृष्ण महतो गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज, झालदा मॉडल स्कूल, 2 प्राथमिक विद्यालय, 7 उच्च प्राथमिक स्कूल, 55 स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण किया गया है। 4 संथाली स्कूल खोले गए हैं। कुर्मियों के लिए बोर्ड का गठन किया गया है।
इस इलाके के बीड़ी मजदूरों के लिए एक अस्पताल का निर्माण भी होने वाला था। अस्पताल के लिए जमीन देने के बावजूद केंद्र सरकार ने इस बारे में कोई कदम नहीं उठाया। अभिषेक बनर्जी ने आश्वस्त करते हुए कहा कि चुनाव के बाद राज्य सरकार इस अस्पताल के निर्माण के लिए पहल करेगी।