बिहार के नालंदा जिले के गांव में एक महिला से हुई बदसलूकी के मामले में पुलिस ने अभियुक्तों के खिलाफ FIR दर्ज कर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर पिछले कुछ दिनों से वायरल हो रहा है। इस घटना की तुलना लोग मणिपुर में सरेआम महिला को नग्न कर उससे बदसलूकी और वीडियो बनाने की घटना से कर रहे हैं। BBC की मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार इस घटना में 8 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
बिहार के सभी राजनीतिक पार्टियों ने इस घटना की निंदा करते हुए सत्ताधारी पार्टी पर निशाना साधा है।
क्या है मामला?
गत 30 मार्च को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें पुरुषों का एक समूह एक महिला के साथ यौन हिंसा करता दिखाई दे रहा है। वीडियो में महिला के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल भी किया जा रहा है। वीडियो में उक्त महिला लगातार खुद को छुड़ाने की कोशिश करती दिख रही है। मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि उक्त महिला के 3 बच्चे हैं और पति दूसरे राज्य में बतौर प्रवासी मजदूर काम करता है। ससुर की मृत्यु हो चुकी है और घर में बीमार सास है।
घटना के बाद मीडिया से बात करते हुए पीड़िता महिला ने बताया कि उसकी बड़ी बेटी अपनी नानी के पास रहती है। घटना के बारे में मीडिया को बताते हुए उक्त महिला ने कहा कि मुझे अपनी बेटी को ऑनलाइन ₹1000 भेजने थे। मैं गांव के एक लड़के के पास गयी जो रुपए ट्रांसफर करने का काम करता है। रुपए को ट्रांसफर करने के सिलसिले में मैं जब उस लड़के को ढूंढ रही थी और उससे बात कर रही थी तो गांव के कुछ लोगों ने मुझे देख लिया और हंगामा करने लगे। महिला का आरोप है कि उससे दुष्कर्म की कोशिश की गयी है।
पुलिस ने बताया
नालंदा के SP भारत सोनी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि इस मामले में महिला की तरफ से स्थानीय थाने में गत 27 मार्च को FIR दर्ज कराई गई थी जिसमें गांव के ही तीन लोगों पर आरोप लगाया गया है। आरोपियों में से 2 की गिरफ्तारी हो चुकी है जबकि बाकी अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। SP ने बताया कि वीडियो के आधार पर 6 लोगों को चिह्नित किया गया है और इसके अलावा 2-3 और लोगों पर भी पुलिस की नजरें हैं।
इस मामले में नालंदा पुलिस ने SIT का गठन किया है। एसपी भारत ने मीडिया को बताया कि इस मामले में 30 दिन के अंदर चार्जशीट दायर कर, मामले का स्पीडी ट्रायल करवाया जाएगा। इसके साथ ही नालंदा पुलिस ने सोशल मीडिया से वीडियो हटा दिए हैं और आम लोगों से वीडियो फॉरवर्ड, शेयर नहीं करने की अपील की है। पुलिस ने वायरल वीडियो को शेयर करने वाले अकाउंट्स को भी चिह्नित कर रही है जिन्हें कानूनी नोटिस भेज रही है।
इस वीडियो के वायरल होने के बाद से सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फुट पड़ा है। कुछ लोग जहां समाज के लोगों को इस घटना के लिए कोस रहे हैं वहीं बड़ी संख्या में लोगों ने पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाया है।