वॉशिंगटन : चंद्रमा की ओर बढ़ रहे मिशन के दौरान अंतरिक्ष से पृथ्वी के मनमोहक दृश्य सामने आए हैं। नीले महासागर, सफेद बादलों की परतें और ध्रुवीय क्षेत्रों की हरी रोशनी (ऑरोरा) — इन सबकी शानदार तस्वीरें नासा के आर्टेमिस-2 मिशन पर गए अंतरिक्ष यात्रियों ने ली हैं।
बीते बुधवार को नासा का ओरियन अंतरिक्ष यान चार अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर चंद्रमा की दिशा में रवाना हुआ। इस दल में कमांडर रीड वाइजमैन, पायलट विक्टर ग्लोवर, मिशन विशेषज्ञ क्रिस्टिना कोच और जेरेमी हैनसेन शामिल हैं। प्रस्थान के लगभग डेढ़ दिन के भीतर ही यान चंद्रमा तक की आधी दूरी तय कर चुका है।
नासा ने अब तक इस मिशन से ली गई दो तस्वीरें साझा की हैं। पहली तस्वीर, जिसे वाइजमैन ने लिया। उसमें अंतरिक्ष यान की खिड़की से पृथ्वी का एक हिस्सा दिखाई देता है। वहीं दूसरी तस्वीर में पूरी पृथ्वी नजर आ रही है, जिसमें नीले समुद्र पर सफेद बादलों का घुमावदार फैलाव और हरे रंग की ऑरोरा स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है।
नासा के एक्सप्लोरेशन सिस्टम्स विभाग की अधिकारी लाकीशा हॉकिंस ने इन तस्वीरों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह दृश्य केवल अंतरिक्ष यात्रियों का नहीं, बल्कि पूरी मानवता का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने यह भी बताया कि मिशन फिलहाल सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहा है।
करीब 50 वर्षों के अंतराल के बाद नासा ने मानवयुक्त चंद्र मिशन को अंजाम दिया है। फिलहाल ओरियन अंतरिक्ष यान को चंद्रमा तक पहुंचने के लिए लगभग 1,20,000 मील (करीब 1,92,000 किलोमीटर) की दूरी तय करनी बाकी है। यदि सभी परिस्थितियां अनुकूल रहीं, तो यान सोमवार तक चंद्रमा के पास पहुंच सकता है। हालांकि खराब मौसम या तकनीकी कारणों से मिशन की समयसीमा 30 अप्रैल तक बढ़ाई जा सकती है।
इस मिशन के तहत अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा की सतह पर नहीं उतरेंगे, बल्कि उससे लगभग 1,000 मील की दूरी से परिक्रमा करेंगे। इसका उद्देश्य भविष्य में मानव मिशनों के लिए संभावनाओं और चुनौतियों का अध्ययन करना है। साथ ही अंतरिक्ष यान के लाइफ सपोर्ट सिस्टम और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं का भी परीक्षण किया जाएगा।
करीब 10 दिनों तक चलने वाले इस मिशन के बाद सभी अंतरिक्ष यात्री सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर लौटेंगे।