रांचीः प्रतिबंधित माओवादी संगठन से जुड़े वरिष्ठ नेता प्रशांत बोस का निधन हो गया है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार पूर्वी भारत में कई बड़े हमलों के मास्टरमाइंड रहे इस नेता की मौत झारखंड के रांची स्थित सरकारी अस्पताल में इलाज के दौरान हुई।
प्रशांत बोस को “किशन दा” के नाम से भी जाना जाता था। वे लगभग 82 वर्ष के थे। वे पिछले चार वर्षों से झारखंड की बिरसा मुंडा जेल में बंद थे। शुक्रवार सुबह अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
प्रशांत बोस के कई छद्म नाम थे, जिनमें मनीष और बुद्ध प्रमुख थे। नवंबर 2021 में उन्हें झारखंड के सरायकेला-खरसावां क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया था। उस समय उनकी गिरफ्तारी पर 1 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था, जो 2018 में झारखंड सरकार द्वारा तय किया गया था। उनकी पत्नी शीला मरांडी को भी उसी समय गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार प्रशांत बोस का नाम कम से कम 100 हमलों से जुड़ा रहा है। झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में माओवादी गतिविधियों के संचालन में उनकी अहम भूमिका थी। वे प्रतिबंधित संगठन CPI (माओवादी) की केंद्रीय समिति, पोलित ब्यूरो और सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के सदस्य भी रहे थे।
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक उनका मुख्य ठिकाना झारखंड के सारंडा जंगल क्षेत्र में था, जहां से वे विभिन्न गतिविधियों का संचालन करते थे। वे 2018 के एल्गार परिषद-भीमा कोरेगांव मामले में भी आरोपित थे। इस मामले में उन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया गया था। जांच एजेंसियों का दावा है कि इस केस में अन्य अभियुक्त रोना विल्सन से मिली जानकारी के आधार पर उनके खिलाफ सबूत सामने आए थे।