अयोध्याः उत्तर प्रदेश के अयोध्या से हाल ही में देवनागरी लिपि में लिखी एक दुर्लभ और प्राचीन पांडुलिपि मिलने की खबर सामने आई है। अनुमान लगाया जा रहा है कि यह दस्तावेज़ लगभग 150 से 200 वर्ष पुराना हो सकता है। इस महत्वपूर्ण खोज को सुरक्षित रखने के लिए जल्द ही इसे अंतरराष्ट्रीय राम कथा संग्रहालय को सौंपा जाएगा।
संग्रहालय के निदेशक संजीव कुमार सिंह के अनुसार इस पांडुलिपि की लिखावट से इसकी प्राचीनता का अंदाजा लगाया गया है।
#WATCH | Ayodhya, UP: A rare manuscript written in Devanagari script, believed to be around 200 years old found in Ayodhya. These scriptures will soon be handed over to the International Ram Katha Museum for preservation. pic.twitter.com/Xq6WFrCHLe
— ANI (@ANI) April 4, 2026
सिंह के अनुसार नागरी लिपि से विकसित होकर देवनागरी बनी है और पुराने समय की लिखावट आज की तुलना में काफी अलग थी। उस दौर में अक्षरों का आधार खुला होता था और स्वर चिह्न उनसे जुड़े रहते थे, जबकि आधुनिक देवनागरी में अक्षरों की बनावट बदल चुकी है। इसी आधार पर उन्होंने इसकी आयु लगभग डेढ़ से दो सौ साल के बीच बताई।
इस खोज को न केवल धार्मिक बल्कि पुरातात्विक दृष्टि से अयोध्या के गौरवशाली इतिहास को समझने में सहायक माना जा रहा है।