चैत-वैशाख के महीने में जब गर्मी का पारा ऊपर चढ़ता जाता है। लगभग हर हाउसिंग कॉम्प्लेक्स से लेकर क्लब तक के स्विमिंग पुल में लोगों का जमावड़ा लगना शुरू हो जाता है, ऐसे समय में कोलकाता व आसपास के इलाकों में स्विमिंग पुल के इस्तेमाल को लेकर समस्या पैदा हो गयी है। इस वजह से सिर्फ किसी एक क्लब या हाउसिंग कॉम्प्लेक्स ही नहीं बल्कि कोलकाता के हर स्विमिंग पुल मालिक की परेशानी बढ़ने वाली है। वजह? वजह है ईरान-इजरायल व अमेरिका के बीच चल रहा युद्ध।
अब आप सोच रहे होंगे कि भला पश्चिम एशियाई युद्ध का असर स्विमिंग पुल पर कैसे पड़ रहा है? इसकी वजह है पुल के पानी को साफ करने के लिए इस्तेमाल होने वाला रासायनिक क्लोरीन की आपूर्ति।
दरअसल, स्विमिंग पुल के पानी में दूषण को समाप्त करने और उसे जीवाणुमुक्त बनाने के लिए क्लोरीन का इस्तेमाल अनिवार्य है। पानी (H2O) के साथ प्रक्रिया कर हाईपोक्लोरस एसिड बनाता है जो पानी को तैरने के लिए उपयोगी बनाता है। लेकिन ईरान-इजरायल युद्ध की वजह से दुनियाभर में क्लोरीन की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। इसके साथ ही क्लोरीन के परिवहन का खर्च भी बढ़ता जा रहा है।
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दमदम निवासी एक व्यक्ति ने बताया कि गर्मी का मौसम शुरू होने के बाद बेटे को स्विमिंग पुल क्लब में भर्ती करने के बारे में तो सोचा था लेकिन क्लब की ओर से बताया गया है कि सफाई के सामग्रियों की आपूर्ति नहीं होने की वजह से पुल को फिलहाल बंद रखा गया है। केष्टोपुर में भी एक ही तस्वीर है।
वहां के एक नामी नोटिस में बताया गया है कि क्लोरीन की आपूर्ति नहीं होने की वजह से नए सदस्यों को नहीं भर्ती किया जा रहा है। कुछ ऐसी ही स्थिति दक्षिण कोलकाता के भवानीपुर में भी एक क्लब की है। उक्त क्लब की ओर से बताया गया कि पिछले लंबे समय से हम एक ही व्यक्ति से क्लोरीन खरीदते हैं लेकिन युद्ध की परिस्थिति की वजह से इन सामग्रियों की आपूर्ति नहीं हो पा रही है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ अरुणाभ मजूमदार ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि अपरिशोधित पानी में तैरना खतरे से खाली नहीं है। अगर पानी को स्वच्छ नहीं बनाया जा सका तो बच्चों में पानी से होने वाली बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।