पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के मद्देनजर मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए चुनाव आयोग ने वोटिंग केंद्रों की संख्या बढ़ाने का फैसला लिया है। चुनाव आयोग ने राज्य में 4660 अतिरिक्त मतदान केंद्र (Auxiliary Polling Stations) बनाने का आदेश दिया है। राज्य में विधानसभा चुनाव के पहले चरण में एक महीने से भी कम का समय रह गया है। ऐसी स्थिति में अचानक अतिरिक्त वोटिंग बूथ बनाने का फैसला क्यों लिया गया?
बताया जाता है कि अगर किसी वोटिंग बूथ पर मतदाताओं की संख्या ज्यादा हो जाती है तो चुनाव के संचालन में समस्याएं पैदा हो सकती है। इस बात को ध्यान में रखते हुए ही अतिरिक्त वोटिंग बूथ यानी मतदान केंद्र बनाने का निर्देश दिया गया है।
अपने निर्देश में चुनाव आयोग ने कहा है कि किसी भी मतदान केंद्र पर अगर 1200 से अधिक मतदाताओं की संख्या हो जाती है तो वहां अतिरिक्त वोटिंग बूथ बनाए जाएंगे। इस कारण आयोग ने 4660 अतिरिक्त वोटिंग बूथ बनाने का फैसला लिया है।
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इसके अलावा मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 321 वोटिंग बूथ को नई जगहों पर स्थानांतरित करने का फैसला भी लिया गया है। इस वजह से अतिरिक्त मतदान केंद्रों की संख्या मिलाकर अब राज्य में कुल मतदान केंद्रों की संख्या 85379 हो गयी है। इसके साथ ही चुनाव आयोग ने बताया है कि अगर अतिरिक्त वोटिंग बूथ बनते हैं या मतदान केंद्र का पता बदला जाता है तो इस बारे में इलाके के प्रत्येक मतदाता को जानकारी देनी होगी।
जिस इलाके में भी मतदान केंद्र में इस तरह के काम होंगे, वहां प्रचार करना होगा। राजनैतिक पार्टियों को भी इस बाबत जानकारी देनी होगी।