काहिराः ईरान और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष के बीच एक लापता अमेरिकी पायलट को लेकर दोनों देशों की गतिविधियां तेज हो गई हैं। एक तरफ अमेरिकी सेना अपने क्रू सदस्य को खोजने के लिए बड़े स्तर पर बचाव अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर ईरान ने आम लोगों से उस पायलट को पकड़कर अधिकारियों के हवाले करने की अपील की है।
बताया जा रहा है कि यह स्थिति तब बनी जब ईरान ने एक अमेरिकी F-15E लड़ाकू विमान को निशाना बनाया। इस घटना में एक क्रू सदस्य को सुरक्षित निकाल लिया गया, लेकिन दूसरा अभी भी लापता है। अमेरिकी सैन्य बल लगातार उसकी तलाश में जुटे हुए हैं और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
वहीं, ईरानी सरकारी मीडिया ने इस मामले में अलग रुख अपनाया है। मीडिया के जरिए लोगों से कहा गया है कि यदि कोई “दुश्मन पायलट” दिखाई दे तो उसे तुरंत पुलिस के हवाले किया जाए। इसके लिए इनाम देने की भी बात कही गई है, जिससे यह मामला और संवेदनशील बन गया है।
अमेरिका की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर सीमित जानकारी साझा की गई है, लेकिन इतना जरूर कहा गया है कि एक विमान गिरने की सूचना मिली है और लापता सदस्य को खोजने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की स्थिति में समय सबसे महत्वपूर्ण होता है। एक ओर बचाव दल पायलट तक पहले पहुंचने की कोशिश करता है तो दूसरी ओर विरोधी पक्ष भी उसे पकड़ने की रणनीति अपनाता है। यही वजह है कि यह घटनाक्रम सिर्फ सैन्य नहीं बल्कि रणनीतिक रूप से भी बेहद अहम माना जा रहा है।