नई दिल्ली: भारतीय तेल विपणन कंपनियों (OMC) ने भरोसा दिया है कि एलपीजी (LPG), पेट्रोल और डीजल की सप्लाई देशभर में पूरी तरह सामान्य है। भारतीय ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) ने स्पष्ट किया कि प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलो के फ्री ट्रेड एलपीजी सिलेंडर लगातार उपलब्ध कराए जा रहे हैं और वैध पहचान पत्र दिखाने पर ये आसानी से मिल रहे हैं। IOC ने कहा, “कोई घबराहट की जरूरत नहीं है, स्थिति पर नजर रखी जा रही है और आवश्यकतानुसार सप्लाई सुनिश्चित की जा रही है।”
HPCL और BPCL का अपडेट
हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) ने बताया कि एक दिन में उसके 55 बॉटलिंग प्लांट्स से रिकॉर्ड 14,10,000 एलपीजी सिलेंडर डिलीवर किए गए। इसके अलावा 5 किलो के 27,800 और 2 किलो के 1,500 फ्री ट्रेड सिलेंडर भी सप्लाई किए गए। पेट्रोल और डीजल की नोजल सेल्स स्थिर रहीं, जिसमें 37,269 किलोलीटर पेट्रोल और 75,356 किलोलीटर डीजल की बिक्री हुई।
भारत पेट्रोलियम (BPCL) ने भी पुष्टि की कि उसके सभी रिटेल आउटलेट्स पर ईंधन सप्लाई सामान्य है। टैंकर डिस्पैच और डिपो संचालन बिना किसी रुकावट के चल रहे हैं। कंपनियों ने उपभोक्ताओं से अनुरोध किया कि वे घबराकर बार-बार रिफ्यूलिंग न करें और नियमित उपयोग जारी रखें।
दैनिक वितरण और उत्पादन क्षमता
तीनों प्रमुख कंपनियां (IOC, HPCL, BPCL) मिलकर रोजाना 50 लाख से अधिक एलपीजी सिलेंडर डिलीवर कर रही हैं। पेट्रोलियम मंत्रालय ने रिफाइनरियों में एलपीजी उत्पादन बढ़ाकर 25-40 प्रतिशत तक किया है, जिससे रोजाना 50 हजार मीट्रिक टन से ज्यादा एलपीजी उपलब्ध हो रही है। HPCL के आंकड़ों के अनुसार, 80 सप्लाई पॉइंट्स से 7,102 टैंकर पेट्रोल और डीजल लेकर रिटेल आउटलेट्स तक पहुंचे।
सरकार ने घरेलू एलपीजी और ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जरूरी क्षेत्रों जैसे अस्पताल, स्कूल और सरकारी संस्थानों को प्राथमिकता दी है। कमर्शियल एलपीजी पर कुछ नियंत्रण लगाए गए हैं, लेकिन घरेलू सिलेंडरों की उपलब्धता पर इसका कोई असर नहीं पड़ा।
वैश्विक तनाव और भारत की तैयारी
हालिया ईरान और पश्चिम एशिया के संघर्ष ने ईंधन आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ा दी थी। भारत अपनी एलपीजी का लगभग 60 प्रतिशत और क्रूड ऑयल का 45-55 प्रतिशत गल्फ देशों (सऊदी, इराक, यूएई आदि) से आयात करता है। मार्च में एलपीजी आयात में लगभग 46 प्रतिशत की कमी आई थी, जिससे कुछ जगहों पर सिलेंडर की डिलीवरी में 7-14 दिन की देरी की खबरें आईं।
हालांकि, घरेलू स्टॉक और बढ़े हुए उत्पादन के कारण मांग पूरी की जा रही है। भारत ने रूस से क्रूड ऑयल आयात बढ़ाकर स्थिति को स्थिर किया। सरकार ने रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन अधिकतम करने, आवश्यक क्षेत्रों को प्राथमिकता देने और कुछ जहाजों को भारतीय नौसेना की सुरक्षा में हार्मुज से निकालने जैसे कदम उठाए हैं।
उपभोक्ताओं से अनुरोध
तेल कंपनियों ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, अफवाहों पर ध्यान न दें और ऑनलाइन बुकिंग का इस्तेमाल करें। सभी डिस्ट्रीब्यूटरशिप सामान्य रूप से काम कर रही हैं और डिलीवरी शेड्यूल के अनुसार हो रही है। प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलो फ्री ट्रेड एलपीजी सिलेंडर लगातार उपलब्ध है। पेट्रोल और डीजल की नोजल सेल्स स्थिर, रोजाना लाखों ग्राहकों को सेवा उपलब्ध करायी जा रही है। वैश्विक तनाव और ईंधन आयात बाधाओं के बावजूद घरेलू स्टॉक पर्याप्त है।
विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल घरेलू एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की कोई बड़ी कमी नहीं है। उपभोक्ताओं को सामान्य उपयोग जारी रखना चाहिए ताकि अनावश्यक दबाव न बने। देश में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है। तेल कंपनियां और सरकार स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं। कंपनियों का दावा है कि घरेलू स्टॉक और उत्पादन पर्याप्त होने के कारण आपूर्ति में कोई बड़ी समस्या नहीं है।