नई दिल्ली: पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने शुक्रवार को साफ किया कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति देशभर में सुरक्षित है। मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की है कि वे ईंधन की खरीदारी में घबराहट न करें और एलपीजी सिलेंडर की अनावश्यक बुकिंग से बचें।
मंत्रालय ने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने के बावजूद पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं। नागरिकों को अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक स्रोतों जैसे पेट्रोलियम मंत्रालय और प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो पर भरोसा करने की सलाह दी गई है।
डिजिटल बुकिंग से एलपीजी सुरक्षित
मंत्रालय ने एलपीजी सिलेंडर बुकिंग के लिए डिजिटल माध्यमों का उपयोग करने का सुझाव दिया है। नागरिक MyLPG ऐप, वेबसाइट, IVRS, SMS या WhatsApp जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए आसानी से बुकिंग कर सकते हैं। मंत्रालय ने कहा कि लोग डिस्ट्रीब्यूटर के पास अनावश्यक रूप से न जाएं और वैकल्पिक ईंधन जैसे पाइप्ड नेचुरल गैस, इंडक्शन या इलेक्ट्रिक चूल्हे इस्तेमाल करें।
घरेलू एलपीजी और PNG को प्राथमिकता
घरेलू एलपीजी और पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) को उच्च प्राथमिकता दी गई है। अस्पतालों, स्कूलों और अन्य आवश्यक संस्थानों को भी प्राथमिकता दी जा रही है। मंत्रालय ने आपूर्ति और मांग दोनों पक्षों पर कई उपाय लागू किए हैं। इनमें रिफाइनरी उत्पादन बढ़ाना, शहरी क्षेत्रों में बुकिंग अंतराल 25 दिन तक करना और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन तक करना शामिल है। इसके अलावा वैकल्पिक ईंधन जैसे केरोसिन और कोयला भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
कोयला मंत्रालय ने राज्य सरकारों को निर्देश दिया है कि वे छोटे और मध्यम उपभोक्ताओं के लिए अधिक कोयला आवंटित करें। वहीं नए PNG कनेक्शन तेजी से दिए जा रहे हैं।
एलपीजी वितरण और हालिया आंकड़े
मंत्रालय ने बताया कि 3 अप्रैल को ऑनलाइन एलपीजी बुकिंग 94 प्रतिशत तक बढ़ गई। डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड आधारित वितरण 86 प्रतिशत तक पहुंचा। इस दिन लगभग 55 लाख घरेलू एलपीजी सिलेंडर डिलीवर किए गए। इसके अतिरिक्त राज्यों को 48,000 किलोलीटर केरोसिन भी उपलब्ध कराया गया।
प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलो फ्री ट्रेड सिलेंडर लगातार उपलब्ध हैं। तेल कंपनियों और राज्यों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी डिस्ट्रीब्यूटरशिप पर आपूर्ति में व्यवधान नहीं है।
वैश्विक स्थिति और भारत की तैयारी
होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से भारत की लगभग 90 प्रतिशत एलपीजी आयात प्रभावित हुई थी। देश अपनी 60 प्रतिशत एलपीजी जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर करता है। सरकार ने वैकल्पिक स्रोतों से आयात बढ़ाया और घरेलू उत्पादन को मजबूत किया है।
नागरिकों के लिए सुझाव
-पेट्रोल और डीजल की घबराहट में खरीदारी न करें।
-एलपीजी बुकिंग डिजिटल माध्यम से करें।
-PNG, इंडक्शन और इलेक्ट्रिक चूल्हे अपनाएं।
-केवल आधिकारिक स्रोतों से जानकारी लें।
देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित है। मंत्रालय और तेल कंपनियां स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं। नागरिकों का संयम और सहयोग इस चुनौतीपूर्ण स्थिति को आसानी से पार करने में मदद करेगा।