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गहलोत ने नहीं मानी मदन राठौड़ की बात, राजस्थान BJP अध्यक्ष बोले- 'जिनका दिमाग ठीक होता है वही…'

मदन राठौड़ की रिटायरमेंट सलाह पर अशोक गहलोत ने मोदी-भागवत का नाम लेकर निशाना साधा, तो भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने भी सफाई देते हुए बड़ी बात कह दी।

By लखन भारती

Apr 04, 2026 18:50 IST

जयपुरः राजस्थान की राजनीति में 'उम्र' और 'सक्रियता' को लेकर चल रहा विवाद अब और गहरा गया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ की ओर से अशोक गहलोत को संन्यास लेने की सलाह देने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री ने पलटवार किया है, जिसके जवाब में राठौड़ ने फिर तीखी टिप्पणी की है।

राठौड़ ने क्या कहा था ?

मदन राठौड़ ने 31 मार्च को कहा था, 'अशोक गहलोत अभी वानप्रस्थ में हैं और 75 की उम्र पार करने के बाद तो संन्यास आश्रम शुरू हो जाता है। अब गहलोत साहब को इंतजार छोड़ देना चाहिए और संतोषशास्त्र अपनाते हुए धैर्य रखना चाहिए। कब तक इंतजार में बैठे रहेंगे ? अब तो उन्हें कहना चाहिए कि वे सही दिशा में नई पीढ़ी का मार्गदर्शन करेंगे।' राठौड़ ने आगे कहा कि उम्र का असर अब गहलोत के फैसलों और शब्दों पर दिखने लगा है। उनका शब्द चयन बिगड़ने लगा है। कभी कहते हैं बेटों को दूर रखो और खुद बेटे को आगे ले आए। कभी नकारा-निकम्मा जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं। जब कोई सनकी स्वभाव का हो जाए और विवेक शून्य होने लगे, तो समझ लेना चाहिए कि उम्र असर कर रही है।

गहलोत ने मोदी-भागवत को घेरा

इस पर पलटवार करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राजनीति में संन्यास का कोई तय नियम नहीं है। गहलोत ने सवाल उठाया कि अगर भाजपा में ऐसा कोई नियम है, तो यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत पर भी लागू होना चाहिए। गहलोत ने दोहराया कि वे 100 साल की उम्र तक देश और प्रदेश की सेवा करना चाहते हैं, जैसा कि महात्मा गांधी की इच्छा थी।

राठौड़ ने फिर किया पलटवार

गहलोत के इस जवाब के बाद मदन राठौड़ ने फिर से तीखा हमला किया। उन्होंने कहा, 'पूर्व सीएम के पास अब करने को कोई काम नहीं बचा है, इसलिए वे खुद को व्यस्त रखने के लिए बयानों की सीरीज चला रहे हैं। मैंने गहलोत को संन्यास की सलाह इसीलिए दी थी क्योंकि मुझे उनके बयानों से लगने लगा था कि उन पर उम्र का असर हो गया है। लेकिन ये सब पर लागू नहीं होता है। जो एक्टिव हैं, जिनका दिमाग अच्छे तरीके से काम कर रहा है, जिनका शरीर व्यवस्थित है और विवेकशील है, ऐसा इंसान 100 साल तक काम कर सकता है। लेकिन गहलोत साहब का शब्द चयन अब बिगड़ने लगा है।'

घनश्याम तिवारी बोले- भगवान उन्हें लंबी उम्र दें

इस पूरे विवाद के बीच भाजपा के राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवारी ने संतुलित रुख अपनाते हुए कहा कि राजनीति में रिटायरमेंट को लेकर कोई निश्चित फॉर्मूला नहीं है। उन्होंने बताया कि खुद मोहन भागवत ने स्पष्ट किया है कि न तो वे रिटायर हो रहे हैं और न ही किसी को इसके लिए कह रहे हैं। तिवारी ने गहलोत की लंबी सेवा की इच्छा पर कहा कि यदि वे सेवा करना चाहते हैं तो यह अच्छी बात है। भगवान उन्हें लंबी उम्र दे।

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