जयपुरः राजस्थान के उदयपुर जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसे सुनकर हर कोई दंग है। जिले के लोसिंग गांव में एक किसान के लिए बंदर 'देवदूत' बनकर आए और उसे मौत के मुंह से खींच लाए। यह पूरी घटना इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है कि कैसे जानवरों की आपसी लड़ाई और सूझबूझ ने एक इंसान की जान बचा ली।
किसान पर अचानक हुआ हमला
जानकारी के अनुसार, लोसिंग गांव के निवासी किसान तुलसीराम पालीवाल बीते बुधवार को अपने खेत पर गेहूं की फसल काट रहे थे। वह अपने काम में मग्न थे कि तभी झाड़ियों में छिपे एक खूंखार तेंदुए ने उन पर अचानक हमला कर दिया। लेपर्ड इतनी तेजी से झपटा कि तुलसीराम को संभलने का मौका तक नहीं मिला। तेंदुए ने उनके हाथ और पीठ पर अपने दांत और पंजे गड़ा दिए थे।
बंदरों के झुंड ने लेपर्ड से लिया लोहा
जब किसान और मौत के बीच बस कुछ ही पलों का फासला बचा था, तभी पास के पेड़ों पर मौजूद बंदरों के एक झुंड ने यह मंजर देखा। आमतौर पर लेपर्ड को देखकर भाग जाने वाले बंदरों ने उस दिन साहस का परिचय दिया। बंदरों की पूरी फौज एक साथ चिल्लाती हुई लेपर्ड पर टूट पड़ी। अचानक हुए इस जवाबी हमले से लेपर्ड घबरा गया और किसान को छोड़कर तुरंत मौके से जंगल की ओर भाग खड़ा हुआ।
वन विभाग से पिंजरा लगाने की मांग
चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और घायल तुलसीराम को अस्पताल पहुंचाया। गनीमत रही कि बंदरों के अटैक की वजह से उन्हें सिर्फ पीठ और हाथ पर मामूली चोटें आई हैं और उनकी हालत अब स्थिर है। इस घटना के बाद से लोसिंग गांव और आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि लेपर्ड अब खेतों तक आने लगे हैं, जिससे किसानों का काम करना मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों ने वन विभाग को इस बारे में सूचित किया है और मांग रखी है कि इलाके में जल्द से जल्द पिंजरा लगाकर इस लेपर्ड को पकड़ा जाए ताकि भविष्य में ऐसी कोई अनहोनी न हो।
वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ा
तेंदुए की इस अटैक के बाद वन विभाग ने बिना देरी वहां पिंजरे लगाए जिसमें शुक्रवार रात लेपर्ड फंस गया। अब उसे सुरक्षित जगह पर शिफ्ट किया जा रहा है।