नई दिल्ली : महेंद्र सिंह धोनी भले ही इस समय चोट के कारण मैदान से दूर हों लेकिन उनका एक पुराना रिकॉर्ड फिर चर्चा में है। चेन्नई सुपर किंग्स ने 5 अप्रैल को एक खास संदेश साझा कर उनके करियर की ऐतिहासिक पारी को याद किया।
इसी दिन 21 साल पहले धोनी ने भारतीय टीम के लिए एकदिवसीय क्रिकेट में अपना पहला शतक बनाया था। उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ 148 रन की शानदार पारी खेली थी। इस उपलब्धि के पीछे एक अहम भूमिका सौरव गांगुली की मानी जाती है।
उस समय धोनी आमतौर पर सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करते थे लेकिन टीम के कप्तान सौरव गांगुली ने बड़ा फैसला लिया। उन्होंने धोनी को बल्लेबाजी क्रम में ऊपर भेजने का जोखिम उठाया। पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले में उन्हें तीसरे नंबर पर उतारा गया।
सौरव गांगुली ने एक साक्षात्कार में बताया था कि 2004 में टीम में आने के बाद धोनी शुरुआती मैचों में सातवें नंबर पर खेलते थे। विशाखापत्तनम में पाकिस्तान के खिलाफ मैच से पहले उन्होंने सोचा कि इस खिलाड़ी को बड़ा कैसे बनाया जाए।
टॉस जीतने के बाद गांगुली ने बल्लेबाजी का फैसला किया। ड्रेसिंग कक्ष लौटते समय उन्होंने तय कर लिया कि धोनी को ऊपर भेजा जाएगा। उस समय धोनी तैयार भी नहीं थे और उन्हें उम्मीद थी कि वह अपने पुराने स्थान पर ही खेलेंगे।
गांगुली ने जाकर धोनी से कहा कि वह तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करेंगे और खुद चौथे नंबर पर उतरेंगे। धोनी ने इस भरोसे को सही साबित किया और 148 रन की यादगार पारी खेली।
यह खुलासा गांगुली ने 2018 में ‘चैंपियनों के साथ नाश्ता’ नामक कार्यक्रम में किया था। अब यह पुराना बयान फिर से चर्चा में है।
पाकिस्तान के खिलाफ खेली गई यह पारी धोनी के करियर का बड़ा मोड़ साबित हुई। इसी के बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाई और फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।