वाशिंगटन डी सी : चंद्रमा की ओर बढ़ रहे Artemis II मिशन में तकनीकी समस्याओं ने चार अंतरिक्ष यात्रियों को असुविधा में डाल दिया है। मून मिशन का आधा सफर पूरा होते ही ऑरियन कैप्सूल के टॉयलेट में खराबी आ गई। जिससे कैप्सूल के अंदर गंध फैल गई।
मिशन के तीसरे दिन शुरू हुई यह समस्या ‘टॉयलेट फ्लशिंग प्रॉब्लम’ के कारण हुई। अंतरिक्ष में तापमान बेहद कम होने के कारण टॉयलेट की वेंट लाइन में तरल जम जाता है और बर्फ जमा होने से अपशिष्ट बाहर नहीं निकल पाता।
अंतरिक्ष यात्रियों ने बताया कि ऑरियन कैप्सूल के टॉयलेट के ‘हाइजीन बे’ से जलती हुई जैसी दुर्गंध आ रही है। Artemis II मिशन के विशेषज्ञ जेरमी हेंसन ने कहा कि टॉयलेट का दरवाजा खोलते ही यह गंध महसूस होती है।
मिशन कंट्रोल ने रेडियो के जरिए यात्रियों को आश्वस्त किया कि कोई बड़ी चिंता की बात नहीं है। फिलहाल, टॉयलेट की मरम्मत तक अंतरिक्ष यात्रियों को बैकअप यूरिन कलेक्शन बैग का इस्तेमाल करने के लिए कहा गया है, हालांकि मलत्याग के लिए टॉयलेट अभी भी सीमित रूप से इस्तेमाल योग्य है।
स्पेस टॉयलेट की यह समस्या नई नहीं है। 1969 में अपोलो 10 मिशन में कैप्सूल में टॉयलेट नहीं था और बैकअप बैग इस्तेमाल किए गए थे। 2021 में स्पेसएक्स के ‘Crew Dragon’ मिशन में भी वेंट लाइन खुलने के कारण समस्याएं आई थीं।
50 साल के बाद इंसान फिर से एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक मिशन व उपलब्धि की ओर बढ़ रहा है। चाहे टॉयलेट की गंध हो या अन्य चुनौतियां, 6 अप्रैल सोमवार को Artemis II के अंतरिक्ष यात्री और पूरी दुनिया इस मिशन की सफलता का इंतजार कर रही है।