रियादः सऊदी अरब की राजधानी रियाद में स्थित अमेरिकी दूतावास पर एक बेहद सुनियोजित ड्रोन हमला किए जाने की खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्थानीय समय के अनुसार रात करीब 1:30 बजे इमारत की चौथी मंजिल को निशाना बनाकर पहला ड्रोन हमला हुआ।
इस हमले के ठीक एक मिनट बाद दूसरा ड्रोन भी उसी जगह पर आकर टकराया। बताया जा रहा है कि पहले धमाके से जो छेद बना था, उसी स्थान को दूसरा ड्रोन निशाना बनाते हुए टकराया—जिससे हमले की सटीकता और योजना का अंदाजा लगाया जा रहा है।
कुछ अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि दूतावास की चौथी मंजिल पर अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA का ऑपरेशन सेक्शन मौजूद था। ऐसे में इस हमले को सीधे तौर पर एक संवेदनशील खुफिया ठिकाने को निशाना बनाने की कोशिश माना जा रहा है।
नुकसान को लेकर अलग-अलग दावे
शुरुआत में सऊदी प्रशासन ने कहा था कि इस हमले में कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ और केवल मामूली आग लगी थी, जिसे जल्दी ही काबू में कर लिया गया। हालांकि, अमेरिकी अखबार Wall Street Journal की रिपोर्ट कुछ अलग तस्वीर पेश करती है। रिपोर्ट के अनुसार आग को पूरी तरह बुझाने में करीब 12 घंटे लग गए और इमारत के अंदरूनी हिस्से को भारी नुकसान पहुंचा, जिसकी मरम्मत आसान नहीं होगी।
हमला कब और क्यों किया गया?
बताया जा रहा है कि यह हमला 3 मार्च को किया गया था और इसमें किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि अगर यह हमला दिन के समय हुआ होता, तो जानमाल का बड़ा नुकसान हो सकता था। विशेषज्ञों का मानना है कि हमला जानबूझकर रात में किया गया, ताकि नुकसान का स्तर सीमित रखा जाए, लेकिन एक स्पष्ट संदेश दिया जा सके।
क्या था इस हमले का संदेश?
सैन्य विशेषज्ञों के अनुसार यह हमला केवल नुकसान पहुंचाने के लिए नहीं, बल्कि ताकत दिखाने के लिए किया गया था। इससे यह संकेत देने की कोशिश की गई कि ईरान चाहें तो अमेरिका के अत्यधिक सुरक्षित माने जाने वाले ठिकानों तक भी पहुंच सकता है-यहां तक कि खुफिया एजेंसियों के ठिकाने भी उनकी पहुंच से बाहर नहीं हैं।
सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा सवाल
सऊदी सूत्रों के अनुसार रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास सीधे तौर पर अमेरिकी एयर डिफेंस सिस्टम के तहत नहीं आता, बल्कि इसकी सुरक्षा सऊदी अरब की रक्षा प्रणाली संभालती है। दूतावास के पास ही एक शाही परिसर मौजूद है, जहां पैट्रियट मिसाइल डिफेंस सिस्टम तैनात है और वही सिस्टम दूतावास की सुरक्षा भी सुनिश्चित करता है।