कोलकाताः पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक माहौल गरमाता जा रहा है। इसी बीच माकपा नेता बिमान बोस ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर ‘अराजकता’ फैलाने का आरोप लगाया है, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को उन्होंने समाज में विभाजन पैदा करने वाला बताया है। शनिवार को मीडिया से बातचीत में बोस ने कहा कि उनकी पार्टी दोनों प्रमुख दलों के विकल्प के रूप में खुद को प्रस्तुत कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी शासन के दौरान राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हुई है, वहीं भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वह आम जनता के बीच सांप्रदायिक आधार पर विभाजन पैदा कर रही है।
बोस ने स्पष्ट किया कि वाम मोर्चा का मुख्य फोकस आम लोगों का विकास है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी जनता के साथ सीधे संवाद कर रही है और उनके सहयोग से “बंगाल को बचाने” का प्रयास कर रही है। वाम मोर्चा इस चुनाव में ‘बंगाल बचाओ’ नारे के साथ मैदान में उतरा है और 294 विधानसभा सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों की सूची पहले ही जारी कर चुका है।
राज्य में चुनाव दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को होंगे, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी। इस बार चुनावों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भी विवाद बना हुआ है। बताया जा रहा है कि इस प्रक्रिया में 60 लाख से अधिक नाम हटाए गए हैं, जिस पर टीएमसी ने कड़ा विरोध जताया है, जबकि भाजपा इसे आवश्यक कदम बता रही है।
गौरतलब है कि 2021 के विधानसभा चुनाव में टीएमसी ने 213 सीटों के साथ बड़ी जीत हासिल की थी, जबकि भाजपा 77 सीटों पर सिमट गई थी। कांग्रेस और वाम दलों का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा था।
इस बार सभी प्रमुख दल पूरी ताकत के साथ चुनावी मैदान में हैं, जिससे मुकाबला और अधिक दिलचस्प होने की उम्मीद है।