पटना/कोलकाताः पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक माहौल तेज होता जा रहा है। इसी बीच असदुद्दीन ओवैसी ने राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोलते हुए उन पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया है।
पटना में मीडिया से बातचीत करते हुए ओवैसी ने कहा कि पिछले वर्ष हाई कोर्ट द्वारा करीब पाँच लाख पिछड़ा वर्ग प्रमाणपत्र रद्द किए गए थे, जिनमें लगभग तीन लाख मुसलमानों के थे, लेकिन इस मुद्दे पर पर्याप्त चर्चा नहीं हुई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ममता बनर्जी एक तरफ उर्दू में घोषणापत्र जारी कर रही हैं, जबकि दूसरी ओर मुस्लिम समुदाय से जुड़े वास्तविक मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
ओवैसी ने आगे कहा कि राज्य में मुस्लिम आबादी लगभग 29 प्रतिशत है, लेकिन सरकारी नौकरियों में उनकी हिस्सेदारी केवल 7 प्रतिशत के आसपास है। उन्होंने मालदा और मुर्शिदाबाद जैसे जिलों में गरीबी को भी एक गंभीर समस्या बताया।
यह बयान ऐसे समय आया है जब 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इसी बीच सत्तारूढ़ दल तृणमूल कांग्रेस ने पहले चरण के चुनाव के लिए अपने स्टार प्रचारकों की सूची जारी की है, जिसमें ममता बनर्जी के अलावा अभिषेक बनर्जी सहित कई प्रमुख नेताओं के नाम शामिल हैं।
चुनाव दो चरणों में आयोजित किए जाएंगे-पहला चरण 23 अप्रैल और दूसरा चरण 29 अप्रैल को होगा, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी। चुनाव आयोग के अनुसार पहले चरण के लिए नामांकन की अंतिम तिथि 6 अप्रैल है, नामांकन पत्रों की जांच 7 अप्रैल को होगी और उम्मीदवार 9 अप्रैल तक अपने नाम वापस ले सकेंगे।
दूसरे चरण के लिए अधिसूचना 2 अप्रैल को जारी हो चुकी है। इस चरण में 142 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा। नामांकन की अंतिम तिथि 9 अप्रैल, जांच 10 अप्रैल और नाम वापसी की अंतिम तिथि 13 अप्रैल निर्धारित की गई है।