पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने हाल ही में दावा किया था कि अगर जरूरत हुआ तो इस्लामाबाद कोलकाता तक हमला करेगा। इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री चुप क्यों हैं? केंद्र सरकार कोई जवाब क्यों नहीं दे रही? सोमवार को नदिया के नक्कासीपाड़ा की सभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोजी पर जोरदार हमला बोला।
सिर्फ प्रधानमंत्री ही नहीं उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पर भी तीखा वार किया। तृणमूल सुप्रीमो ने अपने भाषण में पिछले साल हुए पहलगाम हमले का भी जिक्र किया।
सोमवार को कृष्णनगर के नक्कासीपाड़ा में चुनावी प्रचार के दौरान तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी ने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के बयान को अपना चुनावी मुद्दा बनाया। अपने संबोधन में ममता बनर्जी ने कहा कि पाकिस्तान का एक मंत्री कोलकाता को निशाना बनाने की बात कैसे कह सकता है? मोदी जी ने कल आकर यह क्यों नहीं कहा कि हम कदम उठाएंगे? आप चुप क्यों हैं? पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई? प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री जवाब दें।
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ममता बनर्जी ने आगे कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर हम हमेशा बतौर भारतीय केंद्र के साथ खड़े होते हैं। लेकिन जब कोलकाता पर हमले की बात कही जाएगी तो हम इसे स्वीकार नहीं करेंगे। पहलगाम हमले का जिक्र करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि क्यों नहीं कहा गया ‘We will take strong action’?
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि दरअसल, चुनाव से पहले फिर से एक पहलगाम जैसा ब्लूप्रिंट तैयार है। रक्षा मंत्री से यह बात किसने कहलवाई? इसकी जांच होनी चाहिए। किसने कहलवाया है यह?
इसके बाद ममता बनर्जी ने सीधे तौर पर अमित शाह और नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि पाकिस्तान कोलकाता पर हमला करने का दावा कर रहा है और प्रधानमंत्री चुप बैठे हुए हैं। सबसे पहले आप (प्रधानमंत्री) इस्तीफा दें। जिन लोगों ने आपको वोट देकर प्रधानमंत्री बनाया आपने उनका नाम ही वोटर लिस्ट से हटा दिया।
इसके साथ ही ममता बनर्जी ने घुसपैठ के मुद्दे पर भी भाजपा को अपने निशाने पर लिया। ममता बनर्जी ने अमित शाह पर जोरदार कटाक्ष करते हुए कहा कि अगर सीमा को नहीं संभाल पा रहे हैं तो गृह मंत्री पदत्याग करें।
तृणमूल सुप्रीमो ने कहा कि बांग्ला भाषा में ही बात करने पर घुसपैठिया और रोहिंग्या होने का आरोप लगाया जा रहा है। दिल्ली में अगर कोई बांग्ला भाषा में बात करता है कि उसे होटल में कमरा नहीं दिया जाता है। आपको तो इनका भी वोट मिला है। BSF तो आपके हाथों में है। ऐसे में घुसपैठ कैसे हुआ? आप पहले इस्तीफा दें।
मतुआ, राजवंशियों का कितना वोट कटा है यह पुछिए। केंद्रीय जांच एजेंसी की सक्रियता को लेकर भी ममता बनर्जी ने सवाल उठाया। नक्कासीपाड़ा की सभा से उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि ED-CBI मोटा भाई, बिल्कुल भाई-भाई हैं। चुनाव आते ही इन्हें याद आ जाता है कि तृणमूल के मंत्रियों को तलब करना है।