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Kerala Election: पेरावूर की सभा में प्रियंका गांधी बोलीं- “पढ़े-लिखे युवाओं को राज्य छोड़ना पड़ रहा”

केरल में शिक्षित युवाओं की बेरोजगारी पर सियासत तेज।

By श्वेता सिंह

Apr 06, 2026 15:16 IST

कन्नूरः केरल विधानसभा चुनाव 2026 के प्रचार के बीच प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ने राज्य में शिक्षित युवाओं की बेरोजगारी को प्रमुख चुनावी मुद्दा बना दिया है। पेरावूर में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी ने कहा कि केरल के युवाओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती रोजगार की कमी है, जिसके कारण उन्हें राज्य से बाहर काम की तलाश करनी पड़ रही है।

उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि पिछले एक वर्ष से अधिक समय से वायनाड की सांसद होने के नाते उन्हें राज्य के लोगों के जीवन और संघर्ष को करीब से समझने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा, “मैंने यहां के परिवारों को अपने बच्चों की शिक्षा के लिए कठिन परिश्रम करते देखा है, लेकिन जब ये युवा उच्च शिक्षा प्राप्त कर लेते हैं, तब भी उन्हें अपने ही राज्य में रोजगार नहीं मिलता।”

प्रियंका गांधी ने आगे कहा कि यह स्थिति केवल आर्थिक समस्या नहीं है, बल्कि सामाजिक चिंता का विषय भी है, क्योंकि इससे राज्य की प्रतिभा बाहर जा रही है और स्थानीय विकास प्रभावित हो रहा है।

9 अप्रैल को मतदान, 4 मई को नतीजे

राज्य में विधानसभा चुनाव के लिए 9 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी। मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 23 मई को समाप्त हो रहा है। चुनावी सरगर्मी के बीच सभी राजनीतिक दल मतदाताओं को लुभाने के लिए जोरदार अभियान चला रहे हैं।

दस साल से सत्ता में LDF, विपक्ष की वापसी की कोशिश

केरल में पिछले एक दशक से लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (Left Democratic Front- LDF) की सरकार है, जिसका नेतृत्व मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन (Pinarayi Vijayan) कर रहे हैं। 2021 के चुनावों में LDF ने 99 सीटों पर जीत दर्ज कर इतिहास रचते हुए लगातार दूसरी बार सत्ता हासिल की थी। यह 1977 के बाद पहली बार हुआ जब किसी मौजूदा सरकार को दोबारा जनादेश मिला।

वहीं, यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (United Democratic Front -UDF) ने 41 सीटें जीती थीं और अब वह सत्ता में वापसी के लिए पूरी ताकत झोंक रही है। दूसरी ओर, नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (National Democratic Alliance -NDA) भी अपनी मौजूदगी मजबूत करने की कोशिश में जुटा है, हालांकि पिछली बार उसे कोई सीट नहीं मिल सकी थी।

गठबंधनों का समीकरण और चुनावी मुकाबला

LDF में CPI(M), CPI, केरल कांग्रेस (एम), राष्ट्रीय जनता दल और एनसीपी (शरद पवार गुट) शामिल हैं।

UDF में कांग्रेस, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग और केरल कांग्रेस जैसे दल प्रमुख भूमिका में हैं।

वहीं NDA में बीजेपी के साथ ट्वेंटी 20, भारत धर्म जन सेना और अन्य क्षेत्रीय दल शामिल हैं।

परावूर सीट पर खास नजर, नेतृत्व की परीक्षा

इस चुनाव में पेरावूर सीट राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यूडीएफ के प्रमुख नेता वी.डी. सथीसन (V. D. Satheesan) की सक्रियता के कारण यह सीट उनके नेतृत्व की परीक्षा के रूप में देखी जा रही है। यहां का परिणाम राज्य की व्यापक राजनीतिक दिशा का संकेत दे सकता है।

चुनावी मुद्दे: रोजगार, विकास और पलायन

इस बार के चुनाव में बेरोजगारी, खासकर शिक्षित युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों की कमी, एक केंद्रीय मुद्दा बनकर उभरा है। इसके अलावा विकास, बुनियादी ढांचा और राज्य से युवाओं के पलायन जैसे मुद्दे भी मतदाताओं को प्रभावित कर सकते हैं।

केरल विधानसभा चुनाव 2026 में राजनीतिक दलों के बीच मुकाबला जहां पारंपरिक गठबंधनों के इर्द-गिर्द घूम रहा है, वहीं युवाओं की बेरोजगारी जैसे मुद्दे चुनाव की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। प्रियंका गांधी के बयान ने इस मुद्दे को नई धार दे दी है, जिससे आने वाले दिनों में चुनावी बहस और तेज होने की संभावना है।

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